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Hanuman Janmotsav 2025: बजरंगबली को क्यों कहा जाता है कलियुग का देवता? इन रहस्यों को नहीं जानते होंगे आप

Fri, 11 Apr 2025 12:30 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kalyug Ke Devta: तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर हनुमान जी को कलियुग का देवता क्यों कहा जाता है और वह कौन से चमत्कार हैं, जिन्हें आज के युग के लोग महसूस कर सकते हैं। आइए जानते हैं।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
कलियुग का मतलब होता है वह युग, जिसमें मनुष्य सबसे अधिक भटकता है। चारों ओर अधर्म, भय, लोभ, भ्रम और संकटों का माया-जाल होता है। लेकिन इसी अराजकता में एक देवता ऐसे हैं जो आज भी जीवित हैं। वह सच्चे मन से पुकारने वाले हर भक्त के रक्षक हैं। वह हैं हनुमान जी, जिन्हें लोग श्रद्धा से कलियुग के देवता कहते हैं। 12 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन भक्त श्रद्धापूर्वक हनुमान जी की उपासना करते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर हनुमान जी को कलियुग का देवता क्यों कहा जाता है और वह कौन से चमत्कार हैं, जिन्हें आज के युग के लोग महसूस कर सकते हैं। आइए जानते हैं।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
हनुमान जी हैं चिरंजीवी
शास्त्रों की मानें तो हनुमान जी चिरंजीवी हैं। इसका मतलब है कि वे मृत्यु से परे हैं। जब भी कोई उन्हें सच्चे दिल से पुकारता है, वे वहीं प्रकट हो जाते हैं। यह सिर्फ विश्वास ही नहीं, बल्कि लोगों का अनुभव भी है। हनुमान जी कहते हैं कि जहां-जहां राम का नाम लिया जाएगा, मैं वहां उपस्थित रहूंगा। कलियुग में भगवान की भक्ति कठिन है, लेकिन हनुमान जी की भक्ति सरल और फलदायी है। इसलिए भक्त हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की आराधना जरूर करते हैं।
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हनुमान जन्मोत्सव - फोटो : freepik.com
भक्ति से जल्द प्रसन्न हो जाते हैं बजरंगबली
 मुश्किल और कठिन समय में देवताओं तक पहुंचना कठिन हो सकता है पर हनुमान जी तो भक्त की पुकार सुनने के लिए तैयार ही बैठे रहते हैं। उनकी कृपा पाने के लिए न तो बड़ी यज्ञ की जरूरत होती है, न लंबे उपवास की। भक्तों के मन में बस श्रद्धा होनी चाहिए। उनका नाम लेने मात्र से डर भाग जाता है, मन स्थिर होता है और संकट भी टल जाता है।

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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : adobe stock
ये है कलियुग का सबसे शक्तिशाली मंत्र
हनुमान जी के लिए राम नाम सबसे मूल्यवान है। वे उन श्री राम नाम के रक्षक हैं, जो कलियुग में सबसे अधिक शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। और यही कारण है कि जब कोई राम का नाम जपता है, हनुमान जी उसकी रक्षा के लिए सामने खड़े मिलते हैं। वे राम नाम को इस युग में जीवित रखे हुए हैं।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik
तंत्र, भय और प्रेत से मुक्ति दिलाते हैं हनुमान जी
कलियुग में भय, अंधविश्वास और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। लेकिन जहां हनुमान जी की उपस्थिति होती है, वहां कोई भी नकारात्मक शक्ति टिक नहीं सकती। यही वजह है कि हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण जैसे पाठों का जाप करते ही आत्मविश्वास बढ़ जाता है और एक सुरक्षा महसूस होती है।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : adobe stock
निस्वार्थ है हनुमान जी की भक्ति
बता दें कि हनुमान जी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे बिना किसी स्वार्थ के भक्ति का प्रतीक हैं। उनका जीवन भगवान राम की सेवा में समर्पित रहा है। न कोई अपेक्षा, न कोई अभिमान। वे हमें यह सिखाते हैं कि सच्चा धर्म सेवा है और इसी मार्ग पर चलकर भक्त ईश्वर की प्राप्ति कर सकते हैं।

 इसलिए हनुमान जी हैं कलियुग के देवता
कलियुग भले ही संघर्षों से भरा हो, लेकिन हनुमान जी भक्त की हर चुनौती को सहज बना सकते हैं। वे न केवल संकटों को हरते हैं, बल्कि भक्ति, शक्ति, और शांति के प्रतीक भी हैं।



 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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