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Guru Pradosh Vrat 2023: कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व

Fri, 13 Jan 2023 11:16 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
Guru Pradosh Vrat 2023: सभी देवों में शिव जी का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। इसलिए उन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है। भगवान शिव शंकर की पूजा आराधना करने से जीवन में कभी भी सुख समृद्धि की कमी नहीं होती है। वैसे तो शिव जी की पूजा करने के लिए सोमवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। लेकिन धर्म शास्त्रों में सोमवार के अलावा ऐसी कई तिथियों का वर्णन है, जिस दिन पूजा करके शिव जी की कृपा पाई जा सकती है। इन्हीं तिथियों में से एक है प्रदोष व्रत। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत प्रत्येक माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन व्रत रख कर प्रदोष काल में भगवान शिव शंकर की पूजा की जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं जनवरी में कब है प्रदोष व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त... 
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कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
प्रदोष व्रत 2023 तिथि
पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 19 जनवरी 2023, दिन गुरुवार को दोपहर 01 बजकर 18 मिट पर हो रही है। ये तिथि 20 जनवरी शुक्रवार को सुबह 09 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए गुरु प्रदोष व्रत 19 जनवरी को ही रखा जाएगा। 
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कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
गुरु प्रदोष व्रत 2023 पूजा मुहूर्त
19 जनवरी को गुरु प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय शाम 05 बजकर 49 मिनट से रात 08 बजकर 30 मिनट तक है। इस मुहूर्त में विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करने से महादेव की कृपा बनी रहती है। 

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कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : iStock
दिन अनुसार प्रदोष व्रत का नाम भी अलग-अलग होता है। इस बार प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन है। ऐसे में इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। मान्यता है कि गुरु प्रदोष व्रत करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होती है। साथ ही  प्रदोष व्रत को करने से सुख, भाग्य, धन आदि बढ़ता है।
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कब है गुरु प्रदोष व्रत? जानें पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : pixabay
बुध प्रदोष की पूजा विधि
  • साल के पहले प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • एक चौकी रखें और उस पर भगवान शिव और माता पार्वती का चित्र या कोई मूर्ति स्थापित करें। फिर षोडशोपचार पूजन करें। 
  • शाम के समय पुनः स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में पूजन आरंभ करें। 
  • गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
  • फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें। 
  • इसके बाद विधि पूर्वक पूजन और आरती करें।
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