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Geeta Jayanti 2021: भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश में दिए थे अर्जुन को धर्म और कर्म का ज्ञान

Tue, 14 Dec 2021 07:34 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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geeta jayanti 2021: गीता के उपदेशों पर चलने से व्यक्ति को कठिन से कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। - फोटो : अमर उजाला
Geeta Jayanti 2021 Date Time and Significance And Geeta Ke Updesh: आज गीता जयंती है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है, गीता में समस्त जीवन का सार है। हिंदू पंचांग के अनुसार अगहन ( मार्गशीर्ष) माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी की तिथि पर गीता जयंती का त्योहार मनाया जाता है। मोक्षदा एकादशी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्म और कर्म को समझाते हुए उपदेश दिया था। महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा जो उपदेश दिया था उसे गीता कहा जाता है। गीता के उपदेश (Geeta Ke Updesh) में जीवन जीने, धर्म का अनुसरण करने और कर्म के महत्व को समझाया गया है। 

गीता जयंती (Geeta Jayanti 2021)  के दिन गीता के उपदेशों को पढ़ना, सुनना और बताए गए मार्ग पर चलना बहुत ही शुभ माना जाता है। गीता के कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। गीता ही ऐसा ग्रंथ है जिसका प्रतिवर्ष जयंती मनाई जाती है। गीता को श्रीमदभगवत गीता और गीतोपनिषद के नाम से जाना जाता है। गीता के उपदेशों को आत्मसात और अनुसरण करने पर समस्त कठिनाईयों और शंकाओं का निवारण होता है। गीता (Geeta) के अध्ययन से जीवन में सफलता प्राप्ति की जा सकती है। गीता के उपदेशों पर चलने से व्यक्ति को कठिन से कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। गीता के  उपदेश में जीवन को जीने की कला, प्रबंधन और कर्म सब कुछ है। गीता जयंती के अवसर पर आइए जानते हैं गीता के कुछ उपदेश...
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
जिनकी बुद्धि अनेक शाखाओं में विभाजित रहती है वो अपने लक्ष्य को कभी प्राप्त नहीं कर पाते।  (२.४१)
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
भगवान समस्त आध्यात्मिक तथा भौतिकऔर उनसे ही प्रत्येक वस्तु उत्पन्न होती है।  (१०.८)

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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
इस संसार में सारे जीव भगवान के ही अंश हैं ।  (१५.७)
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
काम, क्रोध तथा लोभ ये तीन नरक के द्वार हैं ।  (१६.२१)
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
जहां भगवन हैं वहां ऐश्वर्य, विजय और अलौकिक शक्ति हमेशा रहती है ।  (१८.७८)
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
भगवान सबके ह्रदय में विराजमान हैं और उन्ही से ही स्मृति तथा विस्मृति आती है। (१५.१५)

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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
भगवान को जानने के लिए एकमात्र साधन हैं भक्ति।  (१८.55)

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अंत समय में जो जिस भाव का स्मरण करता है वो उसी भाव को प्राप्त होता है ।  (८.६)

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प्रकृति निरंतर परिवर्तित होती रहती है। (८.४)

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दुष्ट तथा मुर्ख लोग भगवान की शरण ग्रहण नहीं करते।  (७.१५)

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ज्ञान को प्राप्त करने के लिए विनम्रता आवश्यक है।  (४.३४)

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भगवान पर किसी कर्म का प्रभाव नहीं पड़ता और न ही वो किसी कर्म बंधन में बंधते हैं।  (४.१४)

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वर्ण विभाजन (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र) संबधित कर्म के अनुसार किये गए हैं।  (४.१३)
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geeta jayanti 2021 - फोटो : अमर उजाला
आत्मा न तो जन्म लेती है और न ही मरती है।  (२.२०)
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