ganesh chaturthi 2022
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सवाल - भगवान गणेश को मंगलमूर्ति क्यों कहा गया है?
जवाब- इसके पीछे का कारण ये है कि भगवान गणेश विध्नहर्ता, समृद्धिदाता, वैभव दाता, मुहूर्त और शुभ लाभ के देवता हैं। श्रीगणेश लोक मंगल के देवता हैं,जहां पर कुछ भी अमंगल होता है उसे दूर करने के लिए श्री गणेश अग्रणी रहते हैं। गणेश जी रिद्धि और सिद्धी के स्वामी हैं । इसलिए इनकी कृपा और आशीर्वाद से वैभव, संपदा और समृद्धि का कभी अभाव नहीं रहता है। भगवान गणेश की दोनों पत्नियां रिद्धि और सिद्धि सुख,संपन्नता और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। भगवान गणेश के पुत्र शुभ और लाभ है जो समृद्धि प्रदान करते हैं। स्वयं भगवान गणेश विध्नहर्ता और मंगलमूर्ति हैं। जहां गणपति है वहां पर संपन्नता आती है और बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष में भगवान गणेश को सभी 27 नक्षत्रों का स्वामी माना गया है। कोई भी मांगलिक कार्य शुभ मुहू्र्त और गणपति की सर्वप्रथम पूजन के साथ ही किए जाते हैं।