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गणेश चतुर्थी: देवताओं और गजानंद के बीच हुई थी बड़ी बहस, शिवजी ने इस तरह निकाला समाधान

Mon, 21 Aug 2017 01:12 PM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
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गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा को शुरू करने से पहले भगवान गणेशजी की पूजा जरुर की जाती है। भगवान गणेश को समृद्धि,बुद्धि और भाग्य का देवता  माना जाता है। भगवान गणेश मनुष्‍यों के कष्‍ट दूर कर देते है और उनकी पूजा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। आखिर सभी देवी-देवताओ में सबसे पहले भगवान गणेश जी की क्यों पूजा करते हैं आइए जानते है।

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ऐसी मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य को शुरू करते समय भगवान गणेश करने से उस काम में किसी तरह की कोई अड़चन नहीं आती है। भगवान गणेश जी पूजा करते समय उस काम में आने वाली बाधा दूर हो जाती है।

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गणेश जी की सबसे पहले पूजा करने की कथा शिवपुराण में बताई गई है। एक बार सभी देवता में कौन सर्वश्रेष्ठ है इस बात को लेकर बहस हो गई। तब इस समस्या को लेकर सभी देवता भगवान शिव के पास पहुंच गए।

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तब भगवान शिव ने सभी देवताओं के सामने एक प्रस्ताव रखा कि जो भी पहले पृथ्वी की तीन बार परिक्रमा लगाकर कैलाश लौटेगा वह ही सभी देवताओं में सबसे पहले पूजा जाएगा। भगवान शिव का आदेश मिलते ही सभी देवता पृथ्वी के चक्कर लगाने के लिए निकल पड़े।
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भगवान गणेश अपनी बुद्धि के कारण उन्होंने अपने पिता शिव और माता पार्वती के ही तीन बार परिक्रमा करके उनके सामने खड़े हो गए। तब भगवान शिव प्रसन्न होकर कहा कि जो भी मनुष्य किसी कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करेगा उसमें कभी भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
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