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Sankashti Chaturthi 2024: फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी आज, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Wed, 28 Feb 2024 09:34 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी - फोटो : iStock
Sankashti Chaturthi 2024 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी तिथि आती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक चतुर्थी कहलाती है। दोनों ही चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित हैं। इस दिन लोग सुख, शांति और समृद्धि के लिए गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान गणेश भक्तों के लिए विघ्नहर्ता माने जाते हैं। कहा जाता है विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा करने से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन गणपति की पूजा तथा व्रत रखने से ज्ञान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी आज यानी 28 फरवरी को है। ऐसे में चलिए जानते हैं इसकी पूजा विधि और महत्व के बारे में... 

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फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला
कब है फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी?
पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 28 फरवरी को देर रात 1 बजकर 53 मिनट पर हो रही है। इसका समापन अगले दिन 29 फरवरी को सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर होगा। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी का व्रत 28 फरवरी को रखा जा रहा है।
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फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला
संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला सुबह 6 बजकर 48 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक। वहीं दूसरा मुहूर्त शाम 4 बजकर 53 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 20 मिनट तक। इन दोनों मुहूर्त में भगवान गणेश की पूजा शुभ फलदाई होगी। वहीं अगर चंद्रोदय की बात करें तो 28 फरवरी को चंद्रमा का उदय रात 9 बजकर 42 मिनट पर होगा।

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फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी - फोटो : iStock
संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
  • संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रातः काल उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजा स्थान की साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़कें। 
  • फिर भगवान गणेश को वस्त्र पहनाएं और मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • गणेश जी का तिलक करें और पुष्प अर्पित करें। 
  • इसके बाद भगवान गणेश को 21 दूर्वा की गांठ अर्पित करें। 
  • गणेश जी को घी के मोतीचूर के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं। 
  • पूजा समाप्त होने के बाद आरती करें और पूजन में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगे।
  • संकष्टी चतुर्थी का महत्व
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फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला
संकष्टी चतुर्थी महत्व
हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत को सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्ति के लिए अचूक माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है उसकी संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही धन और कर्ज संबंधी समस्याओं का भी समाधान होता है।
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