हर साल इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है। इस दिन सभी रोजेदारों के रोजे पूरे हो जाते हैं। ईद मनाने की तारीख चांद दिखने के हिसाब से ही मुकम्मल की जाती है। जिस दिन चांद दिखता है, उस दिन को चांद मुबारक कहा जाता है। चांद दिखने के बाद लोग एक दूसरे को बधाइयां देते हैं। ईद के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर फज्र की नमाज अदा करते हैं। इसके बाद एक दूसरे को बधाइयां देने के साथ ही ईद का त्योहार मनाया जाता है। चांद के हिसाब से अलग-अलग देशों में ईद की तारीख में फर्क हो सकता है। जानते हैं कि भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, और क्या है इसका महत्व और इतिहास।