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दशहरे पर सूर्योदय से पहले नीलकंठ पक्षी दिखना कितना शुभ? जानें क्या कहती है धार्मिक मान्यता

Mon, 19 Oct 2026 10:32 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Dussehra 2026: दशहरे पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि विजयादशमी के दिन इस पक्षी को देखना सौभाग्य और विजय का प्रतीक है। जानें दशहरे पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यताएं।

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दशहरा नीलकंठ पक्षी महत्व - फोटो : AI

Dussehra 2026: दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने, रावण दहन देखने और शस्त्र पूजन करने के साथ ही नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने की भी विशेष धार्मिक मान्यता है। हिंदू धर्म में नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि विजयादशमी के दिन नीलकंठ के दर्शन करना सौभाग्य, सुख-समृद्धि और विजय का संकेत होता है। ऐसा भी माना जाता है कि इस शुभ अवसर पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करने का आशीर्वाद मिलता है। यही वजह है कि दशहरे के दिन कई लोग नीलकंठ पक्षी के दर्शन को शुभ मानते हैं। आइए जानते हैं दशहरे पर नीलकंठ पक्षी को देखने का धार्मिक महत्व क्या है और इससे जुड़ी प्रमुख मान्यताएं कौन-सी हैं।

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भगवान श्रीराम की विजय से जुड़ी है नीलकंठ पक्षी के दर्शन की मान्यता - फोटो : AI

भगवान श्रीराम की विजय से जुड़ी है नीलकंठ पक्षी के दर्शन की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इसे भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और जीवन में सफलता मिलने का प्रतीक माना जाता है। नीलकंठ नाम भगवान शिव से भी जुड़ा है, क्योंकि समुद्र मंथन के दौरान विषपान करने के बाद उनका कंठ नीला हो गया था। इसी वजह से इस पक्षी को भगवान शिव से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन होने से व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसे अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। यही कारण है कि विजयादशमी के अवसर पर लोग इस पक्षी के दर्शन को सौभाग्य और मंगल का संकेत मानते हैं।

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दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन से जुड़ी हैं सुख-समृद्धि की मान्यताएं - फोटो : AI

दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन से जुड़ी हैं सुख-समृद्धि की मान्यताएं
विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी को देखना सुख-समृद्धि, खुशहाली और मान-सम्मान से जोड़ा जाता है। धार्मिक विश्वास है कि इस शुभ अवसर पर इसके दर्शन होने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं। साथ ही, व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र और सामाजिक जीवन में सफलता व प्रतिष्ठा मिलने की भी मान्यता है। इसी विश्वास के चलते दशहरे के दिन कई लोग पेड़ों और खुले आसमान में नीलकंठ पक्षी को देखने का प्रयास करते हैं। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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