दशहरा 2022
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दशहरा का महत्व व सीख
दशानन रावण प्रकांड पंडित और विद्वान था, परंतु उसके मन का अहंकार उसकी मृत्यु का कारण बना। दशहरा अहंकारी रावण के पतन की कहानी कहता है। यह दिन न सिर्फ धर्म पर अधर्म की जीत को दर्शाता है अपितु इंसान को अहंकार न करने और सदमार्ग पर चलने की सीख भी देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष तिथि को भगवान राम ने युद्ध में रावण का वध किया था। माना जाता है कि भगवान श्री राम ने भी मां दुर्गा की पूजा कर शक्ति का आह्वान किया था, इसके पश्चात दशमी के दिन प्रभु श्री राम ने रावण का अंत किया। इसलिए यह दिन अपार शक्ति मां जगदंबा के पूजन का भी माना जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, इसी दिन माता दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था।