दशहरा 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रावण को भगवान शिव का सबसे बड़ा भक्त माना जाता था। एक बार उसने शिव जी को प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की। उसके बाद उसने एक-एक कर अपने सिर काटकर भगव न शिव को अर्पित करने आंरभ कर दिए, नौ सिर काटने के बाद रावण जब अपना दसवां सिर भी काटने वाला था तभी शिव जी प्रकट हो गए। जहां पर रावण नें अपने शीश काटकर शिव जी को अर्पित किए थे, वह स्थान चमोली में बैरासकुंड के नाम से जाना जाता है। जानते हैं इस स्थान के बारे में...