दशहरा 2020
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रावण, परम ज्ञानी और अति विद्वान था, लेकिन अहंकार के कारण उसका सर्वनाश हुआ। वह शिव का परमभक्त था। कहते हैं शिव की भक्ति में ही रावण ने शिव तांडव स्तोत्र लिखा था। वह ज्योतिष और तंत्र मंत्र विद्या में पारंगत था। उसने रावण संहिता नामक ग्रंथ लिखा था। इस ग्रंथ में उन्होंने ऐसे कई उपाय बताए हैं जिसकी बदौलत व्यक्ति समस्त प्रकार के सुखों को पा सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-