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कब है दुर्गा विसर्जन? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और विसर्जन की विधि और मंत्र

Mon, 19 Oct 2026 12:33 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Durga Visarjan 2026: शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस दिन भक्त विधि-विधान से पूजा करके माता को विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं। जानें दुर्गा विसर्जन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मां दुर्गा के मंत्र।

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दुर्गा विसर्जन - फोटो : amar ujala

Durga Visarjan 2026 Date and Muhurat: शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। दुर्गा विसर्जन के दौरान भक्त मां को भावपूर्ण विदाई देते हैं और अगले साल फिर से आने की प्रार्थना करते हैं। इस साल दुर्गा विसर्जन कब किया जाएगा, पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है और विसर्जन की सही विधि क्या है? आइए जानते हैं तारीख, मंत्र और जरूरी नियम।

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साल 2026 में विजयादशमी का पर्व 20 अक्तूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। - फोटो : instagram

कब है दुर्गा विसर्जन 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, दुर्गा विसर्जन विजयादशमी यानी दशहरे के दिन किया जाता है। साल 2026 में विजयादशमी का पर्व 20 अक्तूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 21 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि और पंचांग की गणना के आधार पर 20 अक्तूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। दुर्गा विसर्जन के दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना करते हैं। पश्चिम बंगाल सहित देश के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन की विशेष परंपरा है।

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Durga Visarjan 2026 - फोटो : amar ujala

दुर्गा विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त

  • तारीख: 20 अक्तूबर 2026, मंगलवार
  • शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:50 बजे से 2:49 बजे तक
  • कुल अवधि: 1 घंटा 59 मिनट
इस समय के दौरान भक्त पूजा-अर्चना करने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं। अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और स्थानीय पंचांग की गणना के कारण मुहूर्त में अंतर हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
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दुर्गा विसर्जन की पूजा विधि

दुर्गा विसर्जन की पूजा विधि

  • मां दुर्गा की पूजा करें: विसर्जन से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल की सफाई करें। इसके बाद मां दुर्गा के सामने दीपक जलाकर पूजा शुरू करें।
  • माता को अर्पित करें पूजन सामग्री: मां दुर्गा को फूल, अक्षत, सिंदूर, चुनरी और फल अर्पित करें। अपनी परंपरा के अनुसार नारियल और अन्य पूजन सामग्री भी चढ़ा सकते हैं।
  • भोग लगाएं: माता को हलवा, पूड़ी, खीर या अपनी श्रद्धा के अनुसार सात्विक भोग अर्पित करें।
  • मंत्र जाप और आरती करें: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और उनकी आरती उतारें। पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए माता से क्षमा मांगें।
  • पुनः आगमन की प्रार्थना करें: विसर्जन से पहले मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति और कल्याण की कामना करें। साथ ही अगले वर्ष फिर से पधारने की प्रार्थना करें।
  • विधिपूर्वक विसर्जन करें: पूजा पूरी होने के बाद स्थानीय नियमों के अनुसार निर्धारित विसर्जन स्थल पर प्रतिमा का विसर्जन करें।

 

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मां दुर्गा विसर्जन के मंत्र - फोटो : Adobe Stock

मां दुर्गा विसर्जन के मंत्र

मंत्र 1
गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि।
पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च॥

मंत्र 2
नमस्तेऽस्तु महादेवि महामायि सुरेश्वरि।
ख्यातं यत् त्वं प्रसन्ना च प्रसन्नं सर्वतो भव

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दुर्गा विसर्जन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : Adobe Stock

दुर्गा विसर्जन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • विसर्जन से पहले मां दुर्गा की पूजा और आरती करें।
  • विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान का ही इस्तेमाल करें।
  • प्रतिमा को नदियों, तालाबों या अन्य जलस्रोतों में वहां विसर्जित न करें, जहां इसकी अनुमति नहीं है।
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस, प्लास्टिक और हानिकारक रंगों से बनी सामग्री को जलस्रोतों में जाने से रोकें।
  • फूल, पत्ते, प्लास्टिक और अन्य पूजा सामग्री को पानी में न फैलाएं।
  • विसर्जन के दौरान भीड़ में सावधानी बरतें और बच्चों को जलस्रोतों के किनारे अकेला न छोड़ें।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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