14 नवंबर में कुछ ही दिन शेष हैं। दिवाली आने वाली है, ऐसे में हम मां महालक्ष्मी के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो बेहद खास है। हमारे यहां देवी-देवताओं को बहुत सारे और प्राचीन मंदिर हैं। हर मंदिर की अपनी विशेषता और एक अलग कहानी है। चाहे मंदिर कितना बढ़ा या छोटा वह आस्था का प्रतीक होता है। भक्त यहां पर पूजा अर्चना करते हैं। भगवान को भोग लगातें हैं। वही भोग का प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाता है। आपने अब तक कई प्रकार के व्यंजनों और मिष्ठानों का प्रसाद मंदिरों में मिलते हुए देखा, खाया होगा, लेकिन आपसे यह कहा जाए कि एक मंदिर ऐसा भी हैं जहां पर प्रसाद के रुप में चांदी और सोने के सिक्के और आभूषण मिलते हैं तो शायद आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन यह सच है। मां महालक्ष्मी का एक ऐसा मंदिर भी है जहां सोने चांदी के सिक्के प्रसाद से रुप में दिए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं इस मंदिर के बारे में...