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Diwali 2020: दिवाली पर जरूर करना चाहिए ये मंगल कार्य, होती है मां लक्ष्मी की कृपा

Tue, 10 Nov 2020 07:18 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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दीपावली 2020 - फोटो : Social media
दिवाली का त्योहार धनतेरस के दिन से ही आरंभ हो जाता है। धनतेरस से ही पूजा-पाठ और दीप जलाने की परंपरा शुरु हो जाती है। दिवाली शुभता और सुख-समृद्धि का त्योहार है। हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष दिवाली का पर्व 14 नवंबर को मनाया जाएगा। दिवाली पर मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। इससे पूरे वर्ष घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती है। दिवाली पर कुछ मंगल कार्य अवश्य करने चाहिए। इन कार्यों को करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। तो चलिए जानते हैं कौन से हैं वे शुभ कार्य...
 
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diwali 2020 - फोटो : pinterest
दिवाली पर मां लक्ष्मी आपके घर पधारती हैं, इसलिए घर के द्वार पर आम या पीपल के नए कोमल पत्तों और गेंदे के फूल की माला बनाकर सजाना चाहिए। इसे वंदनवार या तोरण कहा जाता है। दिवाली पर आम के पत्तों की तोरण लगाना बहुत ही शुभ रहता है। आम के पत्तों का प्रयोग देव पूजा करने के लिए भी किया जाता है। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। 

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diwali 2020
दिवाली पर दरवाजें या फिर आंगन के बीचों-बीच फूलो और रंगों से रंगोली बनाने की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है। रंगोली या मांडना का 'चौंसठ कलाओं' में स्थान माना जाता है। इसलिए हर उत्सव एवं मांगलिक अवसरों घर-आंगन को रंगोली से सजाया जाता है। मां लक्ष्मी के स्वागत में आप भी अपने घर पर रंगोली जरुर बनाएं।

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दिवाली 2020
आज के समय में मिट्टी के दियों की जगह बाजार की लाइटों और मोमबत्तियों ने ले ली है। लेकिन दिवाली पर मिट्टी के बने हुए पारंपारिक दीपक ही जलाना शुभ रहता है। क्योंकि इसमें मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु सभी का मिश्रण होता है। इसलिए अनुष्ठान में मिट्टी के दीपक जलाने बहुत अच्छा रहता है। मिट्टी के दीपक में तेल डालकर जलाने का महत्व वैज्ञानिक तौर पर भी माना जाता है।
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diwali 2020 - फोटो : social media
हिंदू धर्म में हर शुभ कार्य में मंगल कलश रखने की परंपरा है। इसलिए दिवाली पर भी एक कलश में जल भरकर उसमें कुछ आम के पत्ते लगाकर रखना चाहिए। नारियल के मुख पर नारियल भी लगाना चाहिए। कलश पर रोली से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं और कलश की मुख पर मौली बांधनी चाहिए। 
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diwali 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों को ही शंख प्रिय है। मान्यता है कि जहां पर शंख रखा होता है मां लक्ष्मी वास करती हैं साथ ही विष्णु जी भी प्रसन्न होते हैं। शंख बजाने से हर जगह सकारात्मकता का संचार हो जाता है। इसलिए दिवाली पर अपने घर में शंख बजाएं। 
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Diwali 2020
स्वास्तिक का चिह्न बहुत ही शुभ माना जाता है। हर मांगलिक कार्य में स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। इसे स्वयं भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। इसलिॆए दिवाली पर घर की दिवारों दरवाजे के साथ कलश पर स्वास्तिक का चिह्न अवश्य बनाएं। मां लक्ष्मी के समक्ष भी स्वास्ति का चिह्न बनाना चाहिए। व्यापार से संबंधित चीजों, शिक्षा सामाग्री और बहीखाते पर भी स्वास्तिक का चिह्न बनाकर पूजा की जाती है। 

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दिवाली पर चांदी का हाथी घर में रखें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाथी को शक्ति, समृद्धि और सत्ता का प्रतीक माना जाता है। भगवाण गणेश भी गजमुख हैं। भगवान इंद्र का वाहन ऐरावत हाथी समुद्र मंथन में प्राप्त हुआ था। दिवाली के दिन अपने घर में चांदी का एक ठोस हाथी स्थापित करना चाहिए। इससे घर में संपन्नता बनी रहती है। 

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दिवाली पर घंटी अवश्य बनाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
कुछ घंटियों में आपने देखा होगा कि गरुढ़ भगवान का स्वरुप बना होता है। गरुढ़ भगवान विष्णु जी का वाहन हैं। लक्ष्मी जी के साथ इनकी भी पूजा करनी चाहिए। पूजा के समय घंटी अवश्य बजाएं हो सके तो घर के हर कमरे में घंटी बजानी चाहिए। कहा जाता है कि जहां पर नियमित रुप से घंटी की ध्वनि आती है, वहां का वातावरण सदैव शुद्ध और पवित्र रहता है। इसकी आवाज से नकारात्मकता दूर होती है जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है। 
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अष्गंध दिखाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दिवाली पर घर में अष्टगंध देनी चाहिए। इससे वातावरण में शुद्धता और सकारात्मकता का संचार होता है। अष्टगंध में मिलाए जाने वाले आठ पदार्थों से ग्रह भी शांत होते हैं। जिससे आपको ग्रह को दुष्प्रभावों से राहत मिलती है। आपके कार्य बनने लगते लगते हैं। गुग्गुल की धूप भी घर में दिखाना बहुत शुभ रहता है।  
 
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