कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार मनाते हैं। इस साल दिवाली का त्योहार 14 नवंबर को मनाया जाएगा। दिवाली का त्योहार हर तरफ अंधकार को मिटाकर उजाला करने का होता है। दिवाली पर हर तरफ रोशनी ही रोशनी नजर आती है। आज के समय में लोग दीपों से ज्यादा लाइट को महत्व देते हैं, लेकिन परंपरगत रूप से दिवाली की रात में तेल और घी के दीपक ही जलाना शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन से ही दीपक जलाना आरंभ कर दिया जाता है। दिवाली वाले दिन लक्ष्मी पूजन के पश्चात घरों में घी या तेल के बहुत सारे दिए जलाकर प्रकाश करने की परंपरा है। दिवाली पर दिए जालने का धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी है। तो चलिए जानते हैं कहां और कितने दीपक जलाने चाहिए।