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धनतेरस 2019: महालक्ष्मी पूजा से दो दिन पहले क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार

Thu, 10 Oct 2019 08:21 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है और इसी दिन से दिवाली के महापर्व की शुरुआत भी हो जाती है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रुप में मनाया जाता है। इसके अलावा इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर की भी पूजा होती है।
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Dhanteras - फोटो : Twitter
भगवान धनवंतरी की उत्पत्ति
भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। आइए अब जानते है धनतेरस से जुड़ी कुछ कथाओं से जिनसे पता चलता है कि दीपावली से पहले धनतेरस क्यों मनाया जाता है और धनतेरस का हमारे जीवन में क्या महत्व है।

 
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शुभ धनतेरस - फोटो : अमर उजाला
धनतेरस कथा
शास्त्रों के अनुसार धनतेरस के दिन ही भगवान धनवंतरी हाथों में स्वर्ण कलश लेकर समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए। धनवंतरी ने कलश में भरे हुए अमृत से देवताओं को पिलाकर अमर बना दिया। धनवंतरी के जन्म के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई इसलिए दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य भी हैं। इनकी भक्ति और पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। मान्यता है कि भगवान धनवंतरी विष्णु के अंशावतार हैं। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धनवंतरी का अवतार लिया था।

 

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डेमो - फोटो : डेमो
धनतेरस से जुड़ी एक दूसरी कथा है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन देवताओं के शुभ कार्य में बाधा डालने पर भगवान विष्णु ने असुरों के गुरू शुक्राचार्य की एक आंख फोड़ दी थी। कथा के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। वामन भगवान द्वारा मांगी गयी तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमण्डल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमण्डल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गये।

तब भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमण्डल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गयी। इसके बाद राजा बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिल गई और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को फिर से प्राप्त हो । इस इस कारण से  भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
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maa lakshmi
दीपावली से दो दिन पहले मनाते हैं धनतेरस
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार धनवंतरी के उत्पन्न होने के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई। इसलिए दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
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