कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार इस दिन बर्तन और चांदी से बने आभूषण की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इस दिन बर्तन की खरीदारी क्यों की जाती है। आइए जानते है इसके पीछे की वजह।
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दरअसल इस दिन भगवान धनवंतरि सागर मंथन से प्रगट हुए थे और उसके ठीक दो दिनों के बाद माता लक्ष्मी भी सागर मंथन से प्रगट हुई थी इसलिए दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
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भगवान धनवंतरि जब सागर मंथन से निकले थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। मान्यता के अनुसार तभी से धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। ऐसा माना जाता है इस दिन वस्तु खरीदने पर वह 13 गुने की वृद्धि होती है।
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भगवान धनवंतरि ने ही आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा की खोज की थी जिसके चलते उन्हें पीतल की धातु पसंद है इसलिए धनतेरस पर बर्तन खरीदा जाता है।
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धनतेरस के दिन चांदी के बर्तन और आभूषण खरीदने की परंपरा चली आ रही है। दरअसल चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है और इस दिन चांदी के बर्तन खरीदने से यश और पराक्रम में वृद्धि होती है।