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छठ पूजाः इसीलिए नहाय खाय के दिन खाया जाता है सिर्फ लौकी और सरसों का साग

Tue, 24 Oct 2017 12:42 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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आज कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। शास्त्रों के अनुसार आज से छठ व्रत की शुरुआत हो जाती है। छठ व्रत रखने वाले व्रती आज से ही सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए नियम-निष्ठा पूर्वक  छठ पर्व की तैयारी शुरू करते हैं।

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छठ के पहले व्रत को नहाय खाय के नाम से जाना जाता है, जो आज है। इस दिन व्रती नदी या तालाब में स्नान करके छठ व्रत करने का संकल्प लेते हैं। इस व्रत के दिन लौकी और सरसों का साग खाने का बड़ा महत्व है। क्या आप जानते हैं कि इस दिन यही क्यों खाया जाता है। 
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इसका कारण यह है कि कद्दू को शुद्घ और सात्विक माना जाता है। यह सुपाच्य भी होता है। जबकि सरसों का साग खाने का रिवाज इसलिए है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।

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सरसों के साग को शुद्घ भी माना जाता है। छठ पर्व के दौरान लौकी और सरसों का साग बहुतायत में मिलता है। इसलिए भी नहाय खाय में लौकी और सरसों का साग खाया जाता है।
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छठ व्रत में व्रती को काफी समय तक जल में खड़ा रहना पड़ता है, इससे सर्दी जुकाम की परेशानी न हो इसलिए व्रती सरसों का साग खाते हैं।

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