12 जुलाई 2021 से चातुर्मास लगने जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिंदू माह का चौथा महीना आषाढ़ का होता है। इस महीने की शुक्ल एकादशी से चातुर्मास का प्रारंभ होता है। मान्यता है कि आषाढ़ी एकादशी के दिन से चार महीनों के लिए सभी देव सो जाते हैं। चातुर्मास की अवधि कुल मिलाकर चार महीनों की होती है। ये आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होकर कार्तिक एकादशी तक चलता है। इस बीच चार माह श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक आते हैं। इसके भीतर आषाढ़ के 15 दिन और कार्तिक के 15 दिन शामिल होते हैं। पौराणिक ग्रंथों की मानें तो यह माह काफी पवित्र होता है। इस दौरान भगवान विष्णु पाताल लोक में जाकर सो जाते हैं। धरती पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य को नहीं किया जाता है। अब जबकि चातुर्मास की शुरुआत होने वाली है, तो ऐसे में अगर आप ये पांच काम करेंगे तो आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
1. भोजन को त्याग दें
चातुर्मास के दौरान आप तेल से बनी चीजों को ना खाएं। दूध, दही, शकर, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन, बैंगन, तेल, मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल भी ना करें।
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भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
2. भगवान विष्णु की पूजा करें
इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। प्रतिदिन सुबह उठकर सुबह और शाम को विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा ॐ नमोः नारायणाय, ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः: मंत्र का जाप भी दोनों टाइम करना चाहिए।
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- फोटो : Social media
3. साधु की तरह जीवन जीएं
इस दौरान जीवन को एक साधु की भांति जीना चाहिए। भोजन का सेवन दिन में एक बार करें। सूर्योदय से पहले उठने की कोशिश करिए। चातुर्मास के दौरान रोजाना स्नान कीजिए और मौन धारण करने की कोशिश करें।।
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- फोटो : अमर उजाला
4. दान पुण्य करना चाहिए
इस 4 माह के अंदर 5 तरह का दान करना चाहिए। 1 किसी गरीब या पशु-पक्षी को भोजन कराएं, 2 नदी के जल में दीप छोड़ें या फिर मंदिर के भीतर दीपक जलाएं, 3 गरीब व्यक्ति को वस्त्र दान करें, 4 कटोरी के भीतर सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर उसे शनि भगवान के मंदिर में दान करें, 5 किसी मंदिर या आश्रम में अपनी सेवाएं दें।