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Chanakya Niti: बच्चों का लालन-पालन करते समय इन बातों का जरुर रखें ध्यान

Fri, 07 Aug 2020 09:22 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
चाणक्य विद्वान होने के साथ एक योग्य शिक्षक भी थे. कहा जाता है कि उन्होंने प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चों में शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार होना भी बहुत आवश्यक होता है। जो उसे माता-पिता के द्वारा ही दिए जा सकते हैं बिना संस्कार के शिक्षा का कोई महत्व नहीं रह जाता है। 

चाणक्य नीति के अनुसार बच्चों की परवरिश करते समय माता-पिता को बहुत ध्यान देना चाहिए। क्योंकि बच्चों में गलत संगति या आदते बहुत जल्दी आ जाती हैं, जो आगे चलकर भविष्य में स्वयं और माता-पिता के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती हैं। इन खराब आदतों की वजह से पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है इसलिए चाणक्य की इन बातों को गांठ बांध लेना चाहिए। 
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Chanakya niti - फोटो : social media
चाणक्य कहते हैं कि पांच वर्ष तक बच्चे को लाड-प्यार से रखना चाहिए पांच वर्ष का हो जाने पर डांट कर और किशोरावस्था में होने पर मित्र की तरह व्यवहार करना चाहिए क्योंकि वयस्क होते बच्चे आपके सबसे अच्छे मित्र बन सकते हैं। 
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Chanakya niti - फोटो : social media
बच्चे में बालपन से ही शिष्टाचार की आदत डालें। घर में भी ऐसा वातावरण बनाकर रखना चाहिए की बच्चे में नैतिकता और शिष्टाचार के गुणों का विकास हो। शिष्टाचार के साथ बच्चें में अनुशासन की भावना लाना भी आवश्यक होता है। अगर बचपन से ही अनुशासन की आदत रहती है तो जीवन भर यही आदत बनी रहती है। बिना अनुशासन के किसी भी कार्य में सफल नहीं हो सकते हैं। 

 

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Chanakya niti
जब बच्चा जिद करता है तो मां बाप उसकी जिद को पूरा कर देते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए वरना उसमें यहीं आदते पनपने लगती हैं और अगली बार वह यहीं क्रिया दोहराता है। इस तरह से आपको अनुचित मांगो के भी पूरा करना पड़ सकता है जो कि आगे चलकर परेशानी बन सकती है। 
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चाणक्य नीति (पुस्तक कवर) - फोटो : सोशल मीडिया
बच्चे तो शरारती होते ही हैं और शरारत करते हुए ही वे नई चीजें सीखते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि बच्चों को हर बात पर डांट या मार कर नहीं समझाना चाहिए। इससे उनके कोमल हृदय पर चोट पहुंचती है। बस ध्यान रखें की शरारत करते समय कुछ नुकसान न कर लें।
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