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चाणक्य नीतिः इन कार्यों को करने से होती है सच्चे सुख की अनुभूति

Sun, 16 Aug 2020 07:13 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : social media
चाणक्य बहुत विद्वान थे। उन्होंने अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र आदि कई महान ग्रंथों का रचना की। वे तक्षशिला में आचार्य थे। जीवन के लिए दी गई उनकी शिक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ कूटनीति में भी निपुण थे। उन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे, कहा जाता है कि फिर भी वे राजसी ठाट-वाट से दूर एक छोटी कुटिया में रहते थे। चाणक्य के अनुसार सच्चा सुख भौतिक नहीं आत्मिक होता है। कुछ कार्य ऐसे हैं जिनको करने से व्यक्ति को सच्चे सुख की प्राप्ति होती है। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : social media
प्रकृति से प्रेम
प्रकृति ही हमारे जीवन का आधार है। जब हम प्रकृति के करीब होते हैं तब हम सब दुख-दर्द भूल जाते हैं। प्रकृति से ही हमें सबकुछ प्राप्त होता है, इसलिए हमें उसकी रक्षा करनी चाहिए। और प्रकृति के प्रति अपना आभार प्रकट करना चाहिए। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : social media
सत्य का मार्ग 
हमें हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए, यही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म हैं इसलिए हमें सदा सत्य का साथ देना चाहिए। सत्य का साथ देने वाले व्यक्ति के हृदय पर कोई बोझ नहीं रहता है। इसलिए वह हमेशा आनंदित महसूस करता है। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
त्याग की भावना
मनुष्य को अपने अंदर त्याग की भावना रखनी चाहिए। जिसेक अंदर त्याग की भावना होती है, उसमें संतुष्टि का भाव जाग्रत होता है और संतुष्ट व्यक्ति हमेशा सुखी रहता है। क्योंकि भौतिक सुख तो मात्र क्षणिक होता है। लेकिन आत्मिक सुख ही सच्चा सुख है। साथ ही व्यक्ति के अंदर दूसरों की मदद करने की भावना का होना भी आवश्यक है, किसी जरुरतमंद की सहायता करने में जो खुशी प्राप्त होती है वह किसी और कार्य से प्राप्त नहीं हो सकती।. 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : social media
आध्यात्मिकता
अध्यात्म मनुष्य की आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का रास्ता है। इससे मनुष्य के मन को एकाग्रता मिलती है। अध्यात्म के रास्ते पर चलने के लिए व्यक्ति को किसी तीसरे इंसान की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मनुष्य को परम सुख कीअनुभूति होती है। अध्यात्म से शांति प्राप्त होती है। 
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