आचार्य चाणक्य
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आचार्य चाणक्य के अनुसार, मनुष्य को भूतकाल के बारे में सोचकर पछतावा नहीं करना चाहिए और भविष्य के परिणामों के बारे में सोचकर चिंता करनी चाहिए। मनुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए वर्तमान में मेहनत करनी चाहिए। नीति शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति वर्तमान में ध्यान लगाता है, वह बुद्धिमान होता है। ऐसे व्यक्ति का भविष्य स्वयं ही उज्जवल हो जाता है।