आचार्य चाणक्य
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देव पूजा और ब्राह्मण की सेवा करना
प्रतिदिन पूजा करने से मन मस्तिष्क सकारात्मक बना रहता है, इसलिए नियमित रूप से पूजा पाठ करने वाला श्रेष्ठ होता है। इसके साथ ही जिस व्यक्ति में ब्राह्मण की सेवा एवं सम्मान की भावना होती है वह श्रेष्ठ मनुष्य होता है।