आचार्य चाणक्य कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें कूटनीति और राजनीति में महारत हासिल थी और ये अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ भी थे। आचार्य चाणक्य ने तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर अध्यापक के पद पर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। अर्थशास्त्र के साथ राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र और नीतिशास्त्र की भी रचना की है। जिनमें से नीतिशास्त्र की बातें आज भी लोक मानस में बहुत प्रचलित हैं। आचार्य चाणक्य की शिक्षाएं मनुष्य को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। नीतिशास्त्र में लिखी गई बातें आज भी उतना ही औचित्य रखती है जितना उस समय था। चाणक्य ने तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया है जिन्हें कभी छोटा नहीं समझना चाहिए, अन्यथा आपको जीवन में नुकसान उठाना पड़ता है।