आचार्य चाणक्य
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क्रोध में उत्तर मत दीजिए
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को कभी क्रोध के समय उत्तर नहीं देना चाहिए। जब मनुष्य को क्रोध आता है तो उस समय वह कुछ भी सही और गलत समझने की स्थिति में नहीं रहता है। वह स्वयं पर नियंत्रण खो देता है, इसलिए क्रोध के समय चुप रहना ही बेहतर होता है। क्रोध में आकर कही गई कोई भी बात आपके लिए नुकसान दायक हो सकती है।