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Chaitra Navratri 2022: इस साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानें उनके अलग-अलग वाहन का महत्व

Thu, 31 Mar 2022 10:37 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
Maa Durga Vahan : इस साल चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल से शुरू हो रही है, जो कि 11 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। इन नौ दिनों में मां जगदंबे की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। वहीं इस बार चैत्र नवरात्रि में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस साल की चैत्र नवरात्रि में एक भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। खास बात ये है कि इन 9 दिनों में कई ऐसे योग बन रहे हैं, जो सर्व फलदायी हैं। ज्योतिष के अनुसार, ऐसे योग कम ही आते हैं। लेकिन इस बार मां दुर्गा की सवारी अनहोनी की ओर इशारा कर रही है, क्योंकि इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। घोड़े पर सवार होकर माता रानी का धरती पर आगमन शुभ नहीं माना जाता है। इससे कई गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं घोड़े पर सवार होकर माता रानी का आगमन किन परिणामों की ओर इशारा करता है... 
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
वैसे तो माता रानी सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्रि में धरती पर आते समय उनकी सवारी बदल जाती है। मां जगदंबे की सवारी नवरात्रि के प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करती है। नवरात्रि का प्रारंभ जिस दिन होता है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है। ठीक इसी प्रकार से वह जिस दिन विदा होती हैं, उस दिन के आधार पर प्रस्थान की सवारी तय होती है।  
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : istock
मां दुर्गा के आगमन की सवारी और महत्व
इस साल 02 अप्रैल दिन शनिवार को चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है। दिन के आधार पर इस साल मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी। घोड़े को युद्ध का प्रतीक माना जाता है। इस नवरात्रि मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं और भैंसे पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। इन दोनों ही वाहनों को अच्छा नहीं माना गया है। 

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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
घोड़े की सवारी का मतलब है कि इस वर्ष शासन सत्ता को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वहीं कुछ जगहों पर सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा माता के ये वाहन से देश में विवाद, तनाव, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं की ओर संकेत कर रहे हैं। वहीं भैंसे की सवारी का अर्थ है रोग, दोष और कष्ट का बढ़ना। 
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
मां दुर्गा के कौन-कौन से वाहन हैं?
अलग-अलग वार के अनुसार नवरात्रि में मां जगदंबे के वाहन डोली, नाव, घोड़ा, भैंसा, मनुष्य व हाथी होते हैं।
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
अलग-अलग वार के अनुसार माता की सवारी और उनके महत्व 
अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू हो रही है तो मां का वाहन हाथी होता है जो अधिक वर्षा के संकेत देता है। इसी तरह अगर नवरात्रि मंगलवार और शनिवार शुरू होती है, तो मां का वाहन घोड़ा होता है जो सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है। इसके अलावा गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होने पर मां दुर्गा डोली में बैठकर आती हैं जो रक्तपात, तांडव, जन-धन हानि का संकेत बताता है। वहीं बुधवार के दिन से नवरात्रि की शुरुआत होती है, तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं और अपने भक्तों के सारे कष्ट को हर लेती है।
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स साल चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी - फोटो : iStock
प्रस्थान की सवारी और उनके संकेत 
अगर नवरात्रि का समापन रविवार और सोमवार को हो रहा है, तो मां दुर्गा भैंसे की सवारी से जाती हैं। इसका संकेत होता है कि देश में शोक और रोग बढ़ेंगे। वहीं शनिवार और मंगलवार को नवरात्रि का समापन हो तो मां जगदंबे मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं। ये दुख और कष्ट की वृद्धि को ओर इशारा करता है। बुधवार और शुक्रवार को नवरात्रि समाप्त होती है, तो मां की वापसी हाथी पर होती है जो अधिक बरसात को ओर संकेत करता है। इसके अलावा अगर नवरात्रि का समापन गुरुवार को हो रहा है, तो मां दुर्गा मनुष्य के ऊपर सवार होकर जाती हैं जो सुख और शांति की वृद्धि की ओर इशारा करता है।
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