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Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व

Fri, 01 Apr 2022 11:16 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : Self
Chaitra Navratri 2022:  कल यानी 02 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी और व्रत रखे जाएंगे। नवरात्रि के दिनों में लोग अपने घर में अखंड ज्योति जलाते हैं और मां जगदंबे के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में वैसे तो कई तरह के धार्मिक पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। साथ ही सबके अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं। इसी तरह नवरात्रि में कलश स्थापना और ज्वारे या जौ का बहुत अधिक महत्व होता है। नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना यानी कलश स्थापना के साथ ही जौ बोए जाते हैं। मान्यता है कि इसके बिना मां दुर्गा की पूजा अधूरी रह जाती है। हालांकि हममें से अधिकतर लोगों को पता नहीं होगा कि नवरात्रि पर आखिर जौ क्यों बोए जाते हैं? ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि नवरात्रि में आखिर जौ क्यों बोए जाते हैं और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता क्या है.... 
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
पौराणिक कथाओं और धर्मग्रंथों के अनुसार, जब भगवान ब्रह्मा ने इस सृष्टि की स्थापना की तब वनस्पतियों में जो फसल सबसे पहले विकसित हुई थी वो थी ‘जौ’। यही वजह है कि नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ पूरे विधि-विधान से जौ बोई जाती है। 
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जौ को भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के समय जौ की सबसे पहले पूजा की जाती है और उसे कलश में भी स्थापित किया जाता है। 

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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
सृष्टि की पहली फसल जौ को ही माना जाता है। इसलिए जब भी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है या हवन के समय जौ ही अर्पित किए जाते हैं। साथ ही ये भी कहा जाता है कि जौ अन्न ब्रह्मा के सामान है और अन्न का हमेशा सम्मान करना चाहिए। इसलिए पूजा में जौ का इस्तेमाल किया जाता है।  
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
ये संकेत देते हैं नवरात्रि में बोए गए ज्वारे
नवरात्रि में कलश स्थापना के दौरान बोया गया जौ दो-तीन दिन में ही अंकुरित हो जाता है, लेकिन अगर ये न उगे तो भविष्य में आपके लिए अच्छे संकेत नहीं है। कहा जाता है कि दो-तीन दिन बाद भी अंकुरित नहीं होते तो इसका मतलब ये है कि आपको कड़ी मेहनत के बाद ही उसका फल मिलेगा। 
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
वहीं जौ के उग जाने के बाद जब जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो इसका मतलब आने वाले साल का आधा समय आपके लिए ठीक रहेगा, लेकिन बाद में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। 
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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ - फोटो : iStock
इसके अलावा अगर आपका बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है, तो ये बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा अगर होता है तो इसका मतलब ये होता है कि आपके द्वारा की गयी पूजा सफल हो गई। आने वाला पूरा साल खुशियों से भरा होगा।
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