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Budhwar Puja Vidhi: त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत, जानें संपूर्ण पूजा विधि

Wed, 08 Jun 2022 12:21 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : iStock
Budhwar Puja Vidhi: बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। गणेश जी को बुद्धि और शुभता का देव कहा गया है। प्रत्येक शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का पूजन अनिवार्य होता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि गणेश जी की पूजा से किए गए कार्य में किसी प्रकार की विघ्न-बाधा नहीं आती है और प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त होती है। हिंदू धर्म में पूजा, नियम, जप, तप और उपवास का बहुत महत्व माना जाता है। यदि पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ गणेश भगवान की पूजा आराधना की जाए तो जीवन की परेशानियों और विघ्न-बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। आइए जानते हैं बुधवार के दिन गणेश की पूजा विधि के बारे में... 

बुधवार की पूजा विधि 
बुधवार के दिन प्रात: सूर्योदय के समय उठकर स्नानादि करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में गणओअति यंत्र की स्थापना करें और भगवान गणेश का आवाहन करें। रोली, अक्षत, दीपक, धूप, दूर्वा आदि से गणेश जी का पूजन करें। 
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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : iStock
इसके बाद व्रत की कथा पढ़ें और गणेश जी को लड्डू या फिर मोदक का भोग लगाएं। बुधवार को पूजा के दौरान भगवान गणेश जी की आरती जरूर पढ़ें और अपनी गलतियों की क्षमा प्रार्थना करें। भगवान गणेश से कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें और दिनभर फलाहार व्रत रखें।
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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : iStock
शाम को पूजन करें और सर्वप्रथम प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलें। संभव हो तो इस दिन असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमतानुसार हरी मूंग की दाल और हरे रंग के वस्त्र दान दें।

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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : istock


भगवान गणेश जी की आरती


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : iStock
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,
जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
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त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति दिलाएगा बुधवार का व्रत - फोटो : iStock
पूजा और व्रत का महत्त्व 
अत्यधिक कर्ज के कारण परेशान हैं, लगातार व्यापार में घाटा हो रहा है, परिवार में नकारात्मकता के कारण कलह की स्थिति रहती है या फिर त्वचा संबंधी रोगों से परेशान हैं तो बुधवार का व्रत बहुत लाभकारी रहता है। बुधवार के दिन यदि विधि-विधान से श्रद्धा पूर्वक व्रत किया जाए तो इससे बुध ग्रह तो अनुकूल होता ही है साथ ही भगवान गणेश की कृपा से आपके जीवन की सभी विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं।
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