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Baglamukhi Jayanti: 20 मई को बगलामुखी जयंती, रोगों और शत्रुओं से प्राप्त होगी मुक्ति

Wed, 19 May 2021 02:44 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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बगलामुखी जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जाती है। वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष मां बगलामुखी की जयंती 20 मई 2021 दिन गुरुवार को पड़ रही है। माता बगलामुखी को आदिशक्ति मां दुर्गा का आंठवां अवतार माना जाता है। ये स्तंभन की अधिष्ठात्री देवी हैं। मां बगलामुखी को पीला रंग अतिप्रिय है इसलिए इन्हें पीताम्बरा देवी के नाम से भी जाना जाता है। इनकी पूजा करने से साधक को भय और शत्रुओं से छुटकारा मिलता है। जानते हैं जानते हैं बगलामुखी जयंती का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
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बगलामुखी जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
बगलामुखी जयंती शुभ मुहूर्त
 
बगलामुखी जयंती तिथि- 20 मई 2021, गुरुवार 
 
पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक

वैशाख शुक्ल अष्टमी आरंभ- 19 मई 2021 दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से
 
वैशाख शुक्ल अष्टमी समाप्त- 20 मई 2021 को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर
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बगलामुखी जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बगलामुखी पूजा का महत्व
मां बगलामुखी की पूजा करने से वाकसिद्धि, शत्रुओं और मुकदमे में विजय प्राप्त होती है। मान्यताओं के अनुसार इनकी साधना करने से गंभीर बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। 
 
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बगलामुखी जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
मां बगलामुखी पूजा विधि
 
  • अष्टमी तिथि को सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात पीले रंग के वस्त्र धारण करें, क्योंकि मां बगलामुखी को पीला रंग अतिप्रिय है।
  • अब एक लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और देवी मां की प्रतिमा स्थापित करके, पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजन आरंभ करें। 
  • मां के समक्ष धूप दीप प्रज्जवलित करें और देवी मां को पीले फल और फूल अर्पित करें।
  • इसके बाद मां बगलामुखी की कथा और चालीसा पढ़ें। 
  • था पूर्ण हो जाने के बाद मां बगलामुखी की आरती करें।
  • पूरे दिन मां का स्मरण करते हुए व्रत करें और शाम को पुनः कथा आरती करने के बाद फलों का सेवन करें।
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