जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही हमें शुभ-अशुभ परिणाम मिलते हैं। यदि कुंडली में ग्रह बलवान हों, मजबूत स्थिति में बैठे हों अथवा शुभ ग्रहों से दृष्ट हों तो ऐसे में जातकों को अच्छे फल प्राप्त होते हैं। जबकि इसके विपरीत यदि अशुभ अवस्था में हों, किसी शत्रु ग्रह से पीड़ित हों तो जातकों को उसके बुरे फल भी प्राप्त होते हैं।
कुंडली में ग्रह कमजोर होते हैं तो हमें उसके किसी न किसी रूप में संकेत मिलने लगते हैं। ऐसे में हमें उन संकेतों को समझकर उस ग्रह से संबंधित उपाय करने चाहिए। आइए जानते हैं कुंडली में जब ग्रह कमजोर होते हैं तो क्या संकेत मिलते हैं, किस तरह से ये हमारी आदतों को प्रभावित करते हैं।