आषाढ़ मास
- फोटो : adobe stock
क्यों विशेष है आषाढ़ मास
शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ मास भगवान विष्णु की विशेष उपासना का काल माना गया है। इस अवधि में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, व्रत-उपवास, दान तथा सत्संग करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस काल में किए गए सत्कर्म जातक के आध्यात्मिक उन्नयन में सहायक सिद्ध होते हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त आषाढ़ मास वर्षा ऋतु के आगमन का भी प्रतीक माना गया है। इस काल में प्रकृति हरियाली से आच्छादित होने लगती है तथा वातावरण में नवीन ऊर्जा का संचार होता है। इसी कारण इस मास को आत्मचिंतन, संयम तथा आध्यात्मिक साधना हेतु अत्यंत उपयुक्त माना गया है।