Ashadha Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, यह तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। आषाढ़ अमावस्या पर स्नान व दान करने से पितृ तृप्त होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है।
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आषाढ़ अमावस्या का दिन पितृ कृपा पाने और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि लाने का उत्तम अवसर होता है।
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Ashadha Amavasya Par Kya Na Karein: आषाढ़ मास की शुरुआत हो चुकी है और अब से करीब 15 दिन बाद आषाढ़ महीने की अमावस्या आने वाली है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन को पितरों को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि पर किए गए स्नान, दान और पुण्य कार्यों से न केवल पितृ तृप्त होते हैं, बल्कि व्यक्ति को पापों से मुक्ति और पुण्य फल की प्राप्ति भी होती है। हर साल 15 दिन के लिए क्यों बीमार हो जाते हैं भगवान जगन्नाथ? जानें इससे जुड़ी कथा
अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, श्राद्ध, तर्पण और पितरों के निमित्त विशेष पूजा-अर्चना करने की परंपरा भी इस दिन निभाई जाती है। आषाढ़ अमावस्या का दिन पितृ कृपा पाने और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि लाने का उत्तम अवसर होता है। जानिए इस साल आषाढ़ अमावस्या कब पड़ रही है और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। Jagannath Rath Yatra: जगन्नाथ मंदिर से लाएं ये 2 पवित्र वस्तुएं, घर में बरसेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
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आषाढ़ अमावस्या 2025 कब है?
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आषाढ़ अमावस्या 2025 कब है?
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या आरंभ: 24 जून 2025, सायं 6:59 पर
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या समाप्त: 25 जून 2025, सायं 4:00 बजे पर
इस हिसाब से आषाढ़ अमावस्या की तिथि 25 जून 2025, बुधवार को है।
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आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त
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आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त
इस आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त: 25 जून, प्रातः 4:05 बजे से प्रातः 4:45 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 5:25 बजे से प्रातः 10:40 बजे तक
Ashadha Amavasya Par Kya Na Karein
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आषाढ़ अमावस्या के दिन ये काम न करें
आषाढ़ अमावस्या का दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
इसके साथ ही इस दिन कुछ कामों से बचना चाहिए ताकि पितरों की प्रसन्नता बनी रहे और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो।
अमावस्या के दिन शराब, मांसाहार जैसे तामसिक और अशुद्ध पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बचें।
इस दिन किसी से विवाद या झगड़ा न करें और किसी के प्रति नकारात्मक विचार मन में न रखें।
अमावस्या के दिन झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है।
इस दिन बाल काटना और नाखून छीलना भी उचित नहीं होता।
अमावस्या के दिन कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि करने से बचें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।