धर्मग्रंथों के अनुसार श्राद्ध कर्म को पूरे विधि-विधान के साथ करने की मान्यता है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो श्राद्ध कर्म निष्फल माना जाता है और जिनके लिए यह कर्म किया जाता है उनकी आत्मा अतृप्त ही रहती है।
कौन कहलाते हैं पितर
ऐसे व्यक्ति जो इस धरती पर जन्म लेने के बाद जीवित नहीं है उन्हें पितर कहते हैं। ये विवाहित हों या अविवाहित, बच्चा हो या बुजुर्ग, स्त्री हो या पुरुष उनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें पितर कहा जाता है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए भाद्रपद महीने के पितृपक्ष में उनको तर्पण दिया जाता है। पितर पक्ष समाप्त होते ही परिजनों को आशीर्वाद देते हुए पितरगण वापस मृत्युलोक चले जाते हैं।
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