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Amar Ujala Samwad 2025: अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बताया-घर में संत पधारे और हुई ऐसी घटना की बन गए कथावाचक

Thu, 17 Apr 2025 06:46 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मथुरा में गौरीगोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने समाज में व्याप्त नकारात्मकता, द्वेष और तनाव को दूर करने के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। 
 
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डॉ. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
Amar Ujala Samwad 2025: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे वर्ष 2025 का पहला अमर उजाला संवाद कार्यक्रम चल रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन सुबह से कला, राजनीति और प्रशासनिक क्षेत्र की हस्तियां अपने विचार प्रस्तुत कर चुकी हैं। 

इसी बीच कार्यक्रम के 10वें सत्र में गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक डॉ अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने विचार साझा किए। बतौर कथावाचक अपनी यात्रा की शुरुआत के बारे में बताते हुए अनिरुद्धाचार्य ने अपने बचपन की बातों को याद किया। मप्र के जबलपुर से संबंध रखने वाले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी ने अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक यात्रा पर भी प्रकाश डाला। अपनी कथा यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा- 
 
शुरुआत से ही उनके घर में बेहद आध्यात्मिक माहौल था। एक बार गांव में भागवत् की कथा हुई। उनकी मां ने संत से कहा कि अन्नू (अनिरुद्धाचार्य) को ऐसा आशीर्वाद दो कि वह भी भागवत सुनाने वाला बने। मेरी मां की इच्छा थी कि मैं भागवत् सुनाने वाला बनूं, तो इस तरह मैंने ये राह चुनी।"
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संवाद के मंच पर आध्यात्मिक वक्ता डॉ. अनिरुद्धाचार्य - फोटो : अमर उजाला

अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने बताया- 

 
पिता गांव के मंदिर में पुजारी थे। बचपन में वे गांव में भिक्षाटन करने भी जाते थे। एक दिन दोपहर करीब 12-1 बजे आठ से दस संतों का आगमन हुआ। उन्होंने भोजन की इच्छा प्रकट की। वे उन संतों को अपने घर ले गए और मां को भोजन कराने को कहा। उस दिन अनाज-आटे की कमी थी, ऐसे में वे पड़ोस के घर से आटा-नमक लाए और उन्होने संतो को खीर-पूड़ी खिलाई।

 
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अमर उजाला के मंच पर अनिरुद्धाचार्य का वक्तव्य - फोटो : अमर उजाला
इसी समय उनके मन में यह विचार आया कि वे बड़े होकर संतों के लिए अन्नक्षेत्र का संचालन करेंगे। ये उनका सपना बन गया। गौरी गोपाल आश्रम की अखंड रसोई से आज 30 से 40 हजार लोग हर दिन प्रसाद पाते हैं। वहीं अक्षय तृतीया, जन्माष्टमी जैसे खास मौकों पर एक लाख से भी अधिक लोग भोजन ग्रहण करते हैं।
 

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अमर उजाला संवाद के मंच पर भागवत कथावाचक अनिरुद्धाचार्य - फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर बातचीत
अमर उजाला संवाद में डॉ. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने देश की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी। वक्फ मुद्दे से लेकर गौरक्षा, सांप्रदायिकता, धर्म के साथ ही उन्होंने सनातन धर्म के बारे में बातें कीं। सोशल मीडिया सोशल मीडिया का धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर बेबाकी से अपने विचार रखते हुए स्वयं पर बनने वाले मीम्स को लेकर भी अपना पक्ष रखा। इसके अलावा हिंदू राष्ट्र के मुद्दे से लेकर देश में बदलाव और संत बनने के पैशन और फैशन के बारे में भी बात की। 
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अमर उजाला संवाद के मंच पर भागवत कथावाचक अनिरुद्धाचार्य - फोटो : अमर उजाला
युवाओं को दिखाते हैं आध्यात्म की राह 
डॉ. अनिरुद्धाचार्य जी युवाओं को आध्यात्म की राह दिखाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अपने सत्संगों के माध्यम से उन्होंने समाज में व्याप्त नकारात्मकता, द्वेष और तनाव को दूर करने का प्रयास किया है। वे अध्यात्म के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन की समस्याओं का समाधान भी देते हैं। वे गौशाला और वृद्धाश्रम संचालित कर रहे हैं इसके अतिरिक्त निशुल्क भोजन कार्यक्रम भी संचालित कर रहे हैं। डॉ. अनिरुद्धाचार्य के देश ही नहीं, विदेशों में भी अनुयायियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

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