फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amavasya 2021: इस दिन है आषाढ़ मास की अमावस्या, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधान

Wed, 30 Jun 2021 11:50 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

आषाढ़ मास की अमावस्या 25 जुलाई 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रही है। पितरों का तर्पण करने के लिए यह तिथि बहुत उत्तम मानी गई है। जानिए आषाढ़ अमावस्या का महत्व, शुभ मुहूर्त और व्रत पूजा विधि। 
विज्ञापन
1 of 4
आषाढ़ मास अमावस्या 2021(प्रतीकात्मक तस्वीर)
हर माह चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं के कारण पूर्णिमा व अमावस्या तिथि आती हैं। हिंदी पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या आती है। इस बार आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि 09 जुलाई 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रही है। इस प्रकार पूरे वर्ष में 12 अमावस्या आती हैं। चंद्र मास के अनुसार आषाढ़ वर्ष का चौथा माह होता है। इसके पूर्ण होने के बाद वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाती है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि की तरह आषाढ़ मास की अमावस्या भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन किसी पवित्र नदी, सरोवर में स्नान और पितरों के निमित्त दान वह तर्पण करने का विधान रहता है। इसके अलावा इस दिन पितरों के लिए व्रत करने का भी विधान है। इस दिन पितरों के निमित्त दान और तर्पण करने से पितर तृप्त होते हैं। आपके ऊपर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है। आइए जानते हैं अमावस्या महत्व, मुहूर्त व व्रत पूजा विधि
 
विज्ञापन

2 of 4
आषाढ़ मास अमावस्या 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
अमावस्या तिथि का महत्व-
धार्मिक रूप से हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत महत्व माना जाता है। पितरों का तर्पण श्राद्ध और उनके निमित्त दान करने से पितृ प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं, जिससे आपके जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन

3 of 4
आषाढ़ मास अमावस्या 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि और शुभ मुहूर्त
आषाढ़ मास अमावस्या तिथि आरंभ- 09 जुलाई दिन शुक्रवार को सुबह 05 बजकर 16 मिनट 
आषाढ़ मास अमावस्या तिथि समाप्त- 10 जुलाई दिन शनिवार को सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर
अमावस्या व्रत 09 जुलाई को किया जाएगा और व्रत का पारण 10 जुलाई को होगा।
विज्ञापन

4 of 4
आषाढ़ अमावस्या 2021(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
अमावस्या तिथि पर पितरों के तर्पण और व्रत का विधान
  • आषाढ़ की अमावस्या को प्रातः काल पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए इसके बाद पितरों के निमित्त तर्पण अर्पित करें।
  • इसके बाद पूरे दिन फलाहार व्रत रखें और इसी दौरान जरूरत मंद लोगों को क्षमता अनुसार दान दें।
  • इस दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि इससे से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।
  • पीपल वृक्ष की परिक्रमा करनी चाहिए और पितरों का स्मरण भी करना चाहिए।
 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें