बबा बर्फानी यानी यानी भोलेनाा के अमरनाथ रूप का का पहला दर्शन इस साल 2 जुलाई से शुरू हो चुका है। अगर आप भी भोले बाबा के इस परम पावन तीर्थ अमरनाथ के दर्शन और यात्रा का पुण्य लाभ पाना चाहते हैं तो चलिए अमरनाथ की यात्रा पर।
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अमरनाथ के यह 10 नजारे आपको भी बाबा का भक्त बना देंगे
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अमरनाथ यात्रा की शुरूआत पहलगाम से होती है। यहां से जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ती है ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने अपनी सारी खूबसूरती यात्रा मार्ग में बिखेर दी है। हर तरफ आपको मनोरम नजारा दिखेगा। यहां से चैकिंग के बाद तीर्थ यात्रियों को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ने की इजाजत मिलती है।
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अमरनाथ के यह 10 नजारे आपको भी बाबा का भक्त बना देंगे
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अमरनाथ यात्रा का दूसरा पड़ाव आता है चंदनबाड़ी। कहते हैं इस स्थान पर भगवान शिव ने देवी पार्वती के साथ अमरनाथ गुफा में जाते हुए अपने चंदन और भष्म को यहां उतार कर रख दिया था। इसलिए यह स्थान भी धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
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चंदनबाड़ी के आगे आता है पिस्सु घाटी। इसे पिस्सु टॉप भी कहते हैं। इस स्थान से जुड़ी एक पौराणिक कथा है कि इस घाटी में देवताओं और दानवों के बीच घमासान लड़ाई हुई जिसमें राक्षसों की हार हुई थी। एक अन्य कथा के अनुसार शिव जी ने अमरनाथ यात्रा के समय यहां अपनी जटाओं से पिस्सूओं को यहां उतार कर रख दिया था।
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चंदनबाड़ी से 14 किलोमीटर दूर शेषनाग श्रद्धालुओं का दूसरा पड़ाव
होता है। यहां पर एक बहुत सुंदर झील है किंवदंतियों के अनुसार शेषनाग झील
में शेषनाग का वास है और चौबीस घंटों के अंदर शेषनाग एक बार झील से बाहर
निकलकर लोगों को दर्शन देते है। कहते यहां भगवान शिव ने अपने गले के नाग को यहां उतार कर रख दिया था।
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शेषनाग से आठ मील के फासले पर पंचतरणी है। मार्ग में बैववैल टॉप और महागुणास दर्रे से आगे बढ़ते हुए महागुणास चोटी से पंचतरणी तक का सारा रास्ता उतराई का है। यहां पांच छोटी-छोटी धाराएं बहती है इसी के कारण इस स्थान का नाम पंचतरणी है।
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पंचतरणी से से अमरनाथ की गुफा आठ किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लेकिन आगे के रास्ते में बर्फ जमी होने के कारण रास्ता कठिन हो जाता है। लेकिन भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं को बर्फीला मार्ग स्वर्ग का एहसास दिलाता है। इस रास्ते को तय करने के बाद भक्त बाबा अमरनाथ के दर्शन करते है।
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ये है बाबा बर्फानी का निवास स्थान अमरनाथ की गुफा। इसी गुफा में भोलेनाथ ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी।
अमरनाथ के यह 10 नजारे आपको भी बाबा का भक्त बना देंगे
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गुफा में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं बाबा बर्फानी आप भी लीजिए दर्शन का लाभ।
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अमरनाथ तीर्थ सिर्फ भगवान शिव के हिमलिंग के लिए ही नहीं जाना जाता है। यहां एक शक्तिपीठ भी स्थित है जो महामाया शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। यहां देवी सती का गला गिरा था ऐसी मान्यता है। पवित्र गुफा में जहां भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन होते हैं वहीं हिमनिर्मित पार्वती पीठ भी बनता है। यही पार्वती पीठ महामाया शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बाबा अमरनाथ दर्शन के साथ यह शक्तिपीठ भी दिखाई देता है। मान्यता है कि बाबा अमरनाथ के साथ महामाया शक्तिपीठ के दर्शन पूजन से शिवलोक में स्थान मिलता है।