ऐसा माना जाता है कि महिलाओं के पेट में कोई बात ज्यादा देर तक नही टिक पाती है। गंभीर से गंभीर बातों को वह किसी और को बता देती हैं। इस तथ्य से जुड़ा एक प्रसंग महर्षि वेदव्यास के द्वारा लिखा गया महाभारत में भी मिलता है। महाभारत के अनुसार युधिष्ठिर ने ही सम्पूर्ण नारी जाति को यह श्राप दिया था कि संसार की समस्त महिलाएं कोई भी राज की बात छिपा कर ज्यादा देर तक नहीं रख पाएंगी।
विज्ञापन
2 of 5
महाभारत का एक प्रसंग है जब अर्जुन ने कर्ण का वध कर दिया था तब पाण्डवों की माता कुंती कर्ण के शव पर के पास जाकर विलाप करने लगी।
विज्ञापन
3 of 5
ये सब देखकर युधिष्ठिर नें कुंती से पूछा कि आप हमारे शत्रु की मृत्यु पर विलाप क्यों कर रही हैं? तब कुंती ने कहा कि ये तुम्हारा शत्रु नहीं बड़ा भाई है। यह सुनकर युधिष्ठिर दुखी हो गए।
4 of 5
तब युधिष्ठिर ने कुंती से कहा कि आपने इतनी बड़ी बात छिपाकर हमें हमारे बड़े भाई का हत्यारा बना दिया।
इसके बाद समस्त नारी जाति को श्राप देते हुए युधिष्ठिर बोले मैं आज से समस्त नारी जाति को श्राप देता हूँ कि वे अब चाहकर भी कोई बात अपने ह्रदय में नहीं छिपा सकेंगी। तभी से यह मान्यता चली आ रही है कि इसी श्राप के कारण महिलाएं कोई भी बात छिपा नहीं पाती है।