ईश्वर की पूजा-अर्चना में पुष्पों का बहुत महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान,पूजन और आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। स्वयं श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा है-'जो भक्त अधिक पूजन सामग्री न होते भी श्रद्धा भाव से पत्र,पुष्प,फल और जल आदि मुझे अर्पण करता है मैं उस उपहार को स्वीकार कर लेता हूं।' तात्पर्य यह है कि अपने इष्ट के प्रति विश्वास प्रबल है तो एक पुष्प भी पर्याप्त है। फूलों के संबंध में शारदा तिलक नामक पुस्तक में कहा गया है कि देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए। आप जिस देवता की पूजा करते हैं,उन्हें कौन से पुष्प अधिक प्रिय हैं और कौन से अप्रिय हैं,यदि इसका ध्यान रखें तो भक्ति का फल कई गुना बढ़ जाता है।
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श्री गणेश
आचार भूषण ग्रंथ के अनुसार भगवान श्री गणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढाएं जा सकते हैं। पद्मपुराण के अनुसार इनकी पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। सफ़ेद या हरी दूर्वा से आराधना करने पर ये प्रसन्न हो जाते हैं।
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भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति
- फोटो : iStock
भगवान शिव
शिव पूजा में केतकी और केवड़े के पुष्प से पूजा करना वर्जित है। भगवान शंकर को धतूरे के फूल, हरसिंगार, व नागकेसर के सफेद पुष्प, सूखे कमल गट्टे, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है।
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भगवान विष्णु
- फोटो : ANI
भगवान विष्णु
विष्णुजी पर आक और धतूरा न चढ़ाएं। इन्हें कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के पुष्प विशेष प्रिय हैं। विष्णु भगवान तुलसी दल चढ़ाने से अति शीघ्र प्रसन्न होते है।
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सूर्य देव
सूर्यदेव
शास्त्र कहते हैं कि ब्रह्मा, विष्णु, शिव, शक्ति समेत सभी देव और मुनि जगत के साक्षी भगवान सूर्य का ही ध्यान करते हैं। इनकी प्रसन्नता के लिए गुड़हल, लाल कमल, लाल कनेर, गेंदे की सभी प्रजातियों के पुष्पों से पूजा करने से ईष्ट की सिद्धि मिलती है।
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- फोटो : अमर उजाला
भगवान श्री कृष्ण
अपने प्रिय पुष्पों का उल्लेख महाभारत में युधिष्ठिर से करते हुए श्री कृष्ण कहते हैं- मुझे कुमुद, करवरी, चणक, मालती, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।
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गौरी
इनकी पूजा के लिए लाल रंग के पुष्प जिनमें गुड़हल,कमल,लाल कनेर के अतिरिक्त अन्य सुगन्धित पुष्प- गेंदा,बेला,चमेली,केसर,श्वेत कमल,पलाश,तगर,चम्पा,मौलसिरी आदि के साथ-साथ आक और मदार को छोड़कर शंकर भगवान को चढ़ने वाले सभी पुष्प चढ़ाए जा सकते हैं।
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माता लक्ष्मी
मां लक्ष्मी का सबसे अधिक प्रिय पुष्प कमल है। उन्हें पीला फूल चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है। इन्हें लाल और सफ़ेद गुलाब का फूल भी प्रिय है।
दुर्गा
महाशक्ति को भी लाल रंग के पुष्प बेहद प्रिय हैं। इनमें लाल कमल, शमी,अशोक,कर्णिकार,अमलतास,गूमा,दोपहरिया,अगस्त्य,मदन,सिंदुवार,शल्ल्की,माधवी,विल्वपत्र,केवड़ा,कदम्ब जैसे सुंदर पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं।