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चाणक्य नीति: संपूर्ण सृष्टि में ये चीजें सबसे महत्वपूर्ण, इनसे श्रेष्ठ और कुछ नहीं

Fri, 12 Mar 2021 07:58 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य महान समाजशास्त्री और अर्थशास्त्री थे। वे कूटनीति और राजनीति में निपुण थे। आचार्य चाणक्य विभिन्न विषयों का ज्ञान रखते थे। उन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान को नीतिशास्त्र में संकलित किया है। आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में नीतिशास्त्र में जिक्र किया है। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में चार चीजों को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। चाणक्य के अनुसार संसार में इन चीजों से महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। तो चलिए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं जिन्हें आचार्य ने सर्वश्रेष्ठ बताया है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
अन्नदान सबसे बड़ा दान
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पूरे ब्रह्मांड में अन्न के दान से बड़ा कोई दान नहीं है। चाणक्य के अनुसार किसी भूखे व्यक्ति को भोजन करवाना सबसे बड़ा पुण्य होता है। अन्न दान का महत्व धार्मिक ग्रंथों में भी बताया गया है। इसलिए मनुष्य को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न दान करना चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
द्वादशी तिथि है सबसे श्रेष्ठ 
आचार्य चाणक्य के अनुसार तिथियों में सबसे श्रेष्ठ द्वादशी तिथि है। पूरे दिन भक्त निर्जला रहकर एकादशी का व्रत करते हैं और उसके अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण किया जाता है।

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
गायत्री मंत्र
आचार्य चाणक्य अनुसार संपूर्ण सृष्टि और समस्त ब्रह्मांड में सभी मंत्रों से श्रेष्ठ गायत्री मंत्र है, क्योंकि यह देवी गायत्री का मंत्र है जो चारों वेदों ऋग्वेद, यजुर्वेद अथर्वेद और सामवेद की जननी हैं। देवी गायत्री से ही चारों वेदों की उत्पत्ति मानी गई है।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
संपूर्ण सृष्टि में मां से श्रेष्ठ कुछ नहीं
आचार्य चाणक्य के अनुसार इस संपूर्ण सृष्टि और ब्रह्मांड में मां से बढ़कर और कुछ नहीं है। मां से ही हमें इस पृथ्वी पर लाती है इसलिए सदैव मां की सेवा में तत्पर रहना चाहिए। जो अपनी मां का सम्मान करता है उसकी आज्ञा का पालन करता है उसे अपने जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। मां की सेवा को ही स्वर्ग के समान समझना चाहिए।
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