(प्रतीकात्मक तस्वीर)
यदि आपके ऊपर शनि की साढ़े-साती, ढैय्या चल रही है या फिर किसी भी प्रकार के शनिदोष से पीड़ित हैं तो शनैश्चरी अमावस्या पर शनि देव के समक्ष तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और धूप जलाएं। इसके बाद उन्हें नीले रंग के अपराजिता फूल अर्पित करें। तत्पश्चात आसन लगाकर शनिदेव के इस मंत्र का तीन माला जाप करें।
''ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:''