धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पौष के महीने में सूर्य देव ग्यारह हजार किरणों के साथ धरती वासियों को सर्दी से राहत देते हैं
वेद और उपनिषद में सूर्य की महत्वता
- अथर्ववेद और सूर्योपनिषद में सूर्य देव को परब्रह्म माना गया है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पौष के महीने में सूर्य देव ग्यारह हजार किरणों के साथ धरती वासियों को सर्दी से राहत देते हैं। सूर्य देव का वर्ण रक्त के समान है। शास्त्रों के अनुसार ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य ही भग है और इनसे युक्त को ही भगवान माना गया है। इसी कारणवश पौष मास का भग नामक सूर्य साक्षात परब्रह्म का ही स्वरूप है। धर्म शास्त्रों के अनुसार पौष मास में सूर्य को अर्घ्य देने तथा व्रत करने से विशेष फल मिलता है।