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Home Vastu Tips: घर की खिड़कियों से जुड़ी ये गलतियां बढ़ा सकती हैं परेशानी, जानें सही नियम और उपाय

Tue, 07 Apr 2026 02:40 PM IST
Jyoti Mehra ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Khidkiyon Ke Vastu Niyam: वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़कियों की दिशा, संख्या और उनकी स्थिति का सीधा प्रभाव घर के माहौल और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों और इससे जुड़े उपायों के बारे में।
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घर की खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियम - फोटो : Amar Ujala
window direction as per vastu: आमतौर पर घर की खिड़कियों को रोशनी और हवा आने का माध्यम माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश द्वार के रूप में भी देखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़कियों की दिशा, संख्या और उनकी स्थिति का सीधा प्रभाव घर के माहौल और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। यदि इन बातों पर ध्यान न दिया जाए, तो आर्थिक दिक्कतें, मानसिक तनाव और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को समझना और समय रहते सुधार करना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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दिशा का महत्व - फोटो : adobe stock
दिशा का महत्व 
वास्तु के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बड़ी खिड़कियां होना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर की स्थिरता प्रभावित होती है और धन संचय में बाधा आ सकती है। ऐसी स्थिति में मोटे पर्दे या मजबूत फ्रेम का उपयोग करके इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियां होना अधिक लाभकारी माना गया है, क्योंकि इन दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
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खिड़कियों की संख्या - फोटो : Amar Ujala
खिड़कियों की संख्या
खिड़कियों की संख्या भी वास्तु में अहम मानी जाती है। आमतौर पर सम संख्या को शुभ माना जाता है, जबकि विषम संख्या असंतुलन पैदा कर सकती है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुल संख्या का अंत शून्य पर न हो। यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

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खुलने की दिशा - फोटो : Amar Ujala
खुलने की दिशा 
अगर खिड़कियां बाहर की ओर खुलती हैं, तो इसे ऊर्जा के बाहर जाने का संकेत माना जाता है। इससे मेहनत का फल टिक नहीं पाता। बेहतर यही है कि खिड़कियां अंदर की ओर खुलें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो अंदर की ओर पर्दे या हरे पौधे लगाकर ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।
 
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खराब खिड़कियों को नजरअंदाज न करें - फोटो : Adobe
खराब खिड़कियों को नजरअंदाज न करें
टूटी हुई या आवाज करने वाली खिड़कियां घर में नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं। इससे वातावरण भारी और असहज महसूस होता है। इसलिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराना जरूरी है। साफ और सही स्थिति में रखी गई खिड़कियां सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करती हैं।
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मुख्य द्वार के सामने खिड़की का प्रभाव - फोटो : Amar Ujala
मुख्य द्वार के सामने खिड़की का प्रभाव
यदि मुख्य दरवाजे के ठीक सामने खिड़की हो, तो माना जाता है कि ऊर्जा सीधे बाहर निकल जाती है, जिससे आर्थिक हानि हो सकती है। इस स्थिति में दरवाजे और खिड़की के बीच पर्दा, स्क्रीन या कोई सजावटी पार्टिशन लगाना लाभदायक रहता है। साथ ही, खिड़कियों पर विंड चाइम या क्रिस्टल लगाने से भी ऊर्जा संतुलित होती है।
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करें ये आसान उपाय - फोटो : Adobe Stock
करें ये आसान उपाय
  • खिड़कियों को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें। 
  • हल्के रंग के पर्दों और फ्रेम का इस्तेमाल करें ताकि सकारात्मकता बनी रहे। 
  • खिड़कियों के पास कांटेदार पौधे रखने से बचें, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। 
  • इसके बजाय हरे-भरे और सौम्य पौधे लगाएं। 
  • घर की उत्तर और पूर्व दिशा में बड़ी खिड़कियां रखना शुभ माना जाता है, जिससे रोशनी, ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा का बेहतर संचार होता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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