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Varad Chaturthi 2022: वरद चतुर्थी के दिन इन मंत्रों से करें गणेश जी को प्रसन्न, सभी संकटों से मिलेगा

Wed, 05 Jan 2022 12:14 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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Varad Chaturthi 2022 - फोटो : istock
Varad Chaturthi 2022: शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष को मनाई जाने वाली दोनों चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। पौष मास में शुक्ल पक्ष की विनायक वरद चतुर्थी 6 जनवरी को मनाई जाएगी। वरद चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश जी की पूजा करने का विधान है। श्री गणेश देवों के देव हैं और चतुर्थी तिथि के अधिष्ठाता हैं। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का अवतरण हुआ था। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा-उपासना करते हैं, उस व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही जीवन में आ रहे दुख और क्लेश से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं कि वरद विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के कौन से मंत्रों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आएगी और श्री गणेश दुखहर्ता के रूप में आपके संकटों का हरण करेंगे। 
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Varad Chaturthi 2022 - फोटो : Pixabay
वरद चतुर्थी पूजन समय 
वरद चतुर्थी पूजन समय आरंभ:
 6 जनवरी, गुरुवार, प्रातः 11:15 मिनट से 
वरद चतुर्थी पूजन समय समाप्त: 6 जनवरी, गुरुवार, दोपहर 12: 29 मिनट तक
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वरद चतुर्थी गणेश मंत्र जाप - फोटो : Pixabay
वरद चतुर्थी गणेश मंत्र जाप

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

उपरोक्त मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के समस्त रुके हुए कार्य पूर्ण होते है। 

 

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वरद चतुर्थी गणेश मंत्र जाप - फोटो : Pixabay

'ॐ गं गणपतये नमः':

उपरोक्त मंत्र भगवान गणेश जी के बीज मंत्र 'गं' से मिलकर बना है।  इस मंत्र के जाप से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।  

 
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वरद चतुर्थी गणेश मंत्र जाप - फोटो : Pixabay

ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये
वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा:

उपरोक्त मंत्र को लक्ष्मी विनायक मंत्र के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि  गणेश जी के इस मंत्र जाप से नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और हर कार्य में तरक्की मिलती है। 
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वरद चतुर्थी गणेश मंत्र जाप - फोटो : istock
ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते
वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
उपरोक्त मंत्र के जाप से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।  इस मंत्र का कम से कम 11 बार अवश्य जाप करने से आपकी जो भी मनोकामना है वो पूरी होगी। 
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