नवरात्रि
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श्रद्धा के साथ निभाएं यह जिम्मेदारी
तंत्र एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, इसलिए इस साधना को पूरे विश्वास, श्रद्धा और पवित्रता के साथ करना चाहिए। मन में किसी के प्रति द्वेष या बुरे विचार न लाएं। साधना का उद्देश्य केवल अपनी समस्याओं का निवारण और आध्यात्मिक उन्नति होना चाहिए। यदि संभव हो तो यह क्रिया किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करें। सही विधि और सच्ची निष्ठा से की गई यह साधना आपके जीवन की दिशा बदल सकती है।
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