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कामिका एकादशी आज: इस व्रत को करने से मिट जाते हैं सारे पाप 

Wed, 19 Jul 2017 10:43 AM IST
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
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सावन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं। भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए इस एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। एकादशी के सभी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का सबसे अच्छा व्रत माना जाता है। 
 
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कामिका एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सारे बिगड़े काम बन जाते है। ऐसी मान्यता है कि सावन महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी देवता, गन्धर्वो और नागों की पूजा हो जाती है। कामिका एकादशी व्रत करना यज्ञ करने के समान है।
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पौराणिक कथा के अनुसार यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण और युधिष्ठिर के बीच हुए वार्तालाप से जुड़ी है। जिसमें स्वंय ब्रह्माजी ने नारदजी को कामिका एकादशी की महिमा के बारे में बताया था।

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ब्रह्मा जी नारदजी को करते है कि जो फल गंगा, काशी, और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से समुद्र तथा वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है।
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सावन माह की कृष्ण एकादशी बेहद खास एवं चमत्कारी एकादशी है क्योंकि इस एकादशी को करने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। मान्यतानुसार इस व्रत में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति व्रत धारण कर रहा है वह प्रात: स्नान करे, तथा उसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराए। पंचामृत से स्नान कराने से पूर्व प्रतिमा को शुद्ध गंगाजल से स्नान कराना चाहिए।
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