शीतला सप्तमी 2025
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शीतला सप्तमी का महत्व
शीतला सप्तमी का पर्व होली के सात दिन बाद मनाया जाता है और इसे बसौड़ा भी कहते हैं। इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है, जो ठंडक और स्वास्थ्य की देवी मानी जाती हैं। यह पूजा विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पहले की जाती है, ताकि शरीर में ठंडक बनी रहे और त्वचा संबंधित बीमारियों से बचाव हो सके। इस दिन बासी भोजन का भोग माता शीतला को अर्पित किया जाता है, जो एक दिन पहले तैयार किया जाता है। पूजा के जरिए भक्त शीतला माता से समृद्धि, सुख-शांति और स्वस्थ जीवन की प्राप्ति की कामना करते हैं।