फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shattila Ekadashi 2025: षटतिला एकादशी पर इस विधि से करें तुलसी पूजन, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि

Tue, 21 Jan 2025 03:32 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shattila Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, जो हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है।
विज्ञापन
1 of 4
पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल 2 - फोटो : अमर उजाला
Shattila Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, जो हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। मान्यता है कि एकादशी का उपवास रखने पर साधक के दुखों का निवारण होता है, साथ ही जाने अनजाने में किए गए पाप से भी मुक्ति प्राप्त होती है। इस दौरान सभी एकादशियों में षटतिला को बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है, इसे "पाप हरनी" एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है कि पाप हरनी एकादशी पर तुलसी पूजन करने से व्यक्ति के कष्टों का समापन होता है।

पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल 25 जनवरी 2025 को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा, इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र और ध्रुव योग का निर्माण भी हो रहा है, जो भगवान विष्णु और तुलसी पूजन के लिए उत्तम है। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
अब तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रख दें। - फोटो : Freepik.com
षटतिला एकादशी तुलसी पूजन विधि 
  • षटतिला एकादशी पर पूजा के लिए सबसे पहले सुबह ही स्नान कर लें।
  • पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • अब तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रख दें।
  • सोलह श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
  • तुलसी मंत्रो का जप करें।
  • अब आरती करें।
  • अंत में घर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
     
विज्ञापन

3 of 4
मां तुलसी का पूजन मंत्र - फोटो : instagram
तुलसी माता का स्तुति मंत्र 

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः,
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।। 

मां तुलसी का पूजन मंत्र 

तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।  

तुलसी माता का ध्यान मंत्र 

तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।  
विज्ञापन

4 of 4
तुलसी माता की आरती - फोटो : Adobe stock
तुलसी माता की आरती 

जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।

सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।

बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।

हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता ।।

लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।

हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।

Varad Chaturthi 2025: कब है वरद तिल चतुर्थी? यहां जानें सही तिथि, मुहूर्त और पूजन विधि




 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें