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शारदीय नवरात्रि 2026: नवमी तिथि पर इस शुभ मुहूर्त में करें कन्या पूजन, मां सिद्धिदात्री की होगी विशेष कृपा

Sat, 17 Oct 2026 07:14 PM IST
Shikhar Baranawal धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mahanavami Kanya Pujan Timings: कन्या पूजन की परंपरा को लेकर लोगों की अलग-अलग मान्यताएं होती हैं; कुछ परिवारों में महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है, तो कुछ में महानवमी के दिन। यह पूरी तरह से आपके कुल और परिवार में वर्षों से चली आ रही परंपरा पर निर्भर करता है। यदि आपके घर में महानवमी के दिन कन्या पूजन करने का विधान है, तो आइए इस लेख में जानते हैं कि महानवमी को कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है।
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शारदीय नवरात्रि 2026 - फोटो : AI
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व की नवमी तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूरी निष्ठा के साथ पूजा की जाती है। इसी दिन कन्या पूजन करके नौ दिनों के व्रत और साधना का समापन किया जाता है। 

उदयातिथि के अनुसार, वर्ष 2026 में आश्विन मास की शारदीय नवरात्रि की महानवमी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। बहुत से लोग महानवमी को कन्या पूजन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन करने से मां सिद्धिदात्री प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि और आरोग्य का वरदान देती हैं। आइए आसान भाषा में जानते हैं कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त।
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नवरात्रि कन्या पूजन भोग - फोटो : Adobe Stock
प्रातःकाल का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
  • महानवमी के दिन सुबह-सुबह कन्या पूजन करने के लिए सबसे पहला और उत्तम समय अमृत चौघड़िया का बन रहा है।
  • यह शुभ मुहूर्त सुबह 06:25 AM से शुरू होकर सुबह 07:50 AM तक रहेगा। इस दौरान पूजा-अर्चना करना बहुत फलदायी माना जाता है।
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नवदुर्गा कन्या पूजन नियम - फोटो : AI
सुबह का दूसरा शुभ मुहूर्त 
  • अगर आप किसी कारणवश सुबह जल्दी कन्या पूजन नहीं कर पाते हैं, तो सुबह का दूसरा शुभ मुहूर्त आपके लिए बहुत अनुकूल रहेगा।
  • यह शुभ चौघड़िया मुहूर्त सुबह 09:15 AM से शुरू होकर सुबह 10:41 AM तक मान्य रहेगा।

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नवदुर्गा कन्या पूजन नियम - फोटो : AI
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर का सबसे श्रेष्ठ समय
  • दिन के समय कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है।
  • यह सर्वकार्य सिद्धिदायक मुहूर्त दोपहर 11:43 AM से शुरू होकर दोपहर 12:29 PM तक रहेगा। इस मुहूर्त में किया गया पूजन अत्यंत शुभ माना जाता है।
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मां सिद्धिदात्री का पूजन और कन्याओं का सत्कार - फोटो : Adobe Stock
मां सिद्धिदात्री का पूजन और कन्याओं का सत्कार
  • निर्धारित शुभ मुहूर्त में कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आदरपूर्वक साफ आसन पर बैठाएं।
  • इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाएं। अंत में लाल चुनरी, फल और दक्षिणा भेंट कर उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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