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दशहरा 2026: सिर्फ लंका दहन नहीं, रावण के पुतले को जलाने के पीछे छिपा है जीवन का यह सबसे बड़ा संदेश

Sat, 17 Oct 2026 06:21 PM IST
Shikhar Baranawal धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Meaning Behind Ravana Dahan: हर साल विजयादशमी पर रावण दहन का भव्य आयोजन होता है, जिसे देखकर लोग आमतौर पर उत्सव और उमंग के साथ अपने घर लौट आते हैं। हालांकि, बेहद कम लोग ध्यान देते हैं कि रावण दहन की इस सदियों पुरानी परंपरा के पीछे हम सभी के जीवन का एक बहुत बड़ा संदेश छिपा हुआ है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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रावण दहन का महत्व - फोटो : AI
Dussehra 2026 Life Lessons: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी यानी दशहरा का पावन पर्व पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के ऊंचे-ऊंचे पुतले जलाए जाते हैं। देखने में यह केवल एक उत्सव या रावण वध का मंचन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे मानव जीवन का एक बहुत गहरा संदेश छिपा हुआ है।

रावण सिर्फ एक पौराणिक पात्र नहीं था, बल्कि वह परम ज्ञानी और महाज्ञानी होने के बावजूद अपने अहंकार और बुराइयों के कारण सर्वनाश को प्राप्त हुआ। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में ज्ञान चाहे कितना भी हो, अहंकार हमेशा विनाश का कारण बनता है।
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रावण के 10 सिर - फोटो : अमर उजाला
रावण के 10 सिर: हमारी अंदरूनी बुराइयों का प्रतीक
  • रावण के दस सिर वास्तव में हमारी दस आंतरिक बुराइयों जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और संशय को दर्शाते हैं।
  • बाहर के रावण को जलाने के साथ-साथ अपने भीतर की इन दस बुराइयों को खत्म करना ही विजयादशमी का असली उद्देश्य है।
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अहंकार और घमंड का हमेशा होता है विनाश - फोटो : अमर उजाला
अहंकार और घमंड का हमेशा होता है विनाश
  • रावण वेदों का ज्ञाता और महाज्ञानी था, लेकिन उसके अहंकार ने उसकी बुद्धि को भ्रष्ट कर दिया था।
  • दशहरा हमें यह सीख देता है कि जीवन में पद, पैसे या ज्ञान का घमंड कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार व्यक्ति के पतन का सबसे बड़ा कारण बनता है।

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बुराई पर सच्चाई और धर्म की अंतिम विजय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बुराई पर सच्चाई और धर्म की अंतिम विजय
  • दशहरा हमें यह विश्वास दिलाता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न दिखे, अंत में जीत हमेशा सच्चाई और धर्म की ही होती है।
  • भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर टिके रहने की प्रेरणा देता है।
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जीवन में नया बदलाव और सकारात्मक सोच अपनाने का दिन - फोटो : संवाद
जीवन में नया बदलाव और सकारात्मक सोच अपनाने का दिन
  • इस विजयादशमी केवल आतिशबाजी देखकर लौटने के बजाय अपने जीवन में एक अच्छी आदत अपनाने और एक बुराई को छोड़ने का संकल्प लें।
  • जब हम अपने विचारों को शुद्ध बनाएंगे, तभी हमारे समाज में असली रामराज्य और सुख-समृद्धि की स्थापना हो सकेगी।
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