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Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि में इन नियमों का रखें विशेष ध्यान? वरना खंडित हो सकता है नौ दिनों का व्रत

Mon, 22 Sep 2025 06:37 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस व्रत के कुछ नियम हैं। आइए इस लेख में जानते हैं व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपकी साधना खंडित न हो और पूजा सफल हो।
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शारदीय नवरात्रि 2025 - फोटो : Amar Ujala
Navratri Fasting Rules in Hindi: शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर 2025, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तगण इन नौ दिनों में व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं और उनकी कृपा पाने का प्रयास करते हैं। बहुत से श्रद्धालू नवरात्रि के पहले और आखिरी दिनों का व्रत रखते हैं, लेकिन इस लेख में आइए उन नियमों की बात करते हैं जो नौ दिनों के व्रत के दौरान पालन करनी चाहिए। 

नवरात्रि का व्रत केवल अन्न-जल का त्याग नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और अनुशासन का भी प्रतीक है। व्रत रखने वाले साधकों को इन नौ दिनों में अपने मन, वचन और कर्म से पूरी तरह सात्विक रहना चाहिए। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब इसका पालन पूरे विधि-विधान और कठोर नियमों के साथ किया जाए। नियमों में हुई एक छोटी सी चूक भी आपके नौ दिनों के व्रत को खंडित कर सकती है।
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मां सिद्धिदात्री - फोटो : Amar Ujala
व्रत का संकल्प
व्रत का संकल्प लेने के बाद इसे बीच में तोड़ना अशुभ माना जाता है। इस दौरान घर में कलह, क्रोध, और किसी के प्रति द्वेष की भावना मन में नहीं लानी चाहिए। असत्य बोलना और किसी की निंदा करना भी व्रत के पुण्य को कम करता है। साधक को जमीन पर सोना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए।

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नवरात्रि व्रत 2025 - फोटो : Freepik
खान-पान में रखें इन बातों का ध्यान
व्रत के दौरान खान-पान का विशेष महत्व होता है। इन नौ दिनों में मांस, मदिरा, अंडा, लहसुन, प्याज जैसी तामसिक वस्तुओं का सेवन पूरी तरह से वर्जित है। घर में भी इन चीजों को लाना अशुभ माना जाता है, भले ही कोई सदस्य व्रत न रख रहा हो। इसके अतिरिक्त, सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करना चाहिए। कई लोग इन नौ दिनों में अनाज का सेवन भी नहीं करते और केवल फलाहार पर रहते हैं। व्रत में कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, समा के चावल, आलू और मेवों का सेवन किया जा सकता है।

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मां महागौरी - फोटो : Amar Ujala
इन कार्यों को करने से बचें
शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में कुछ कार्यों को करना वर्जित माना गया है। इस अवधि में बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना और नाखून काटना अशुभ होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी रुष्ट हो जाती हैं। यदि आपने घर में कलश स्थापना की है या अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को कभी भी सूना नहीं छोड़ना चाहिए। किसी न किसी सदस्य का घर में रहना अनिवार्य होता है। इन दिनों में चमड़े से बनी वस्तुओं जैसे बेल्ट, जूते या बैग का उपयोग करने से भी बचना चाहिए।

 
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Udya Tithi - फोटो : Adobe Stock
नियमों के पालन का महत्व
नवरात्रि के नियम साधक को आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से शुद्ध करने के लिए बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से न केवल व्रत का पूर्ण फल मिलता है, बल्कि व्यक्ति में संयम, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

यदि कोई व्यक्ति अज्ञानतावश या जानबूझकर इन नियमों की अवहेलना करता है, तो उसका व्रत खंडित माना जाता है और उसे पूजा का पुण्य प्राप्त नहीं होता। अतः मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए इन नौ दिनों में पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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